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प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार...अमेरिका ने ईरान के सैन्य अधिकारियों पर लगाए नए प्रतिबंध

यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोबारा शुरू की गई “मैक्सिमम प्रेशर” नीति के तहत उठाया गया है. अमेरिका का कहना है कि ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया गया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार...अमेरिका ने ईरान के सैन्य अधिकारियों पर लगाए नए प्रतिबंध
Courtesy: @IranObserver0

अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने के आरोप में ईरान के कई वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोबारा शुरू की गई “मैक्सिमम प्रेशर” नीति के तहत उठाया गया है. अमेरिका का कहना है कि ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया गया.

किन अधिकारियों पर लगे प्रतिबंध

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, पांच ईरानी अधिकारियों को प्रतिबंधित किया गया है. इनमें ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी भी शामिल हैं. अमेरिका का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना और निर्देश देने में उनकी अहम भूमिका रही. इसके अलावा इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और ईरान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ कमांडरों को भी प्रतिबंधों के दायरे में लाया गया है.

क्यों भड़के थे ईरान में प्रदर्शन

ईरान में दिसंबर से महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हुए थे. धीरे-धीरे ये आंदोलन सरकार और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ असंतोष में बदल गए. अमेरिका का कहना है कि यह 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है.

अमेरिका की सख्त चेतावनी

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक वीडियो संदेश में ईरान के नेतृत्व को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अमेरिकी एजेंसियां उन पैसों पर नजर रखे हुए हैं, जिन्हें ईरानी नेता देश से बाहर भेजने की कोशिश कर रहे हैं. उनका कहना था कि यह पैसा आम ईरानी नागरिकों से छीना गया है और इसे दुनिया के अलग-अलग बैंकों में छुपाया जा रहा है.

मानवाधिकार संगठनों के आंकड़े

अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार, अब तक इन प्रदर्शनों में 2,400 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों और 150 से अधिक सरकारी समर्थकों की मौत हो चुकी है. इन आंकड़ों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है.

तेल कारोबार पर भी शिकंजा

इन प्रतिबंधों के साथ ही अमेरिका ने 18 और लोगों पर भी कार्रवाई की है, जिन पर ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल कारोबार से जुड़े पैसों की अवैध लेन-देन में मदद करने का आरोप है. अमेरिका का साफ कहना है कि वह ईरान के मानवाधिकार उल्लंघन और परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाता रहेगा.

ईरान को साफ संदेश

अमेरिका का कहना है कि हिंसा रोककर अगर ईरान अपने लोगों के साथ खड़ा होता है, तो हालात सुधर सकते हैं. फिलहाल यह साफ है कि आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान के रिश्तों में और कड़वाहट देखने को मिल सकती है.