menu-icon
India Daily

अमेरिका में 75 देशों के नागरिकों की एंट्री पर लगी ब्रेक, ट्रम्प प्रशासन ने नए वीजा पर लगाई रोक

अमेरिका ने 75 देशों के नागरिकों की वीजा प्रोसेसिंग पर अनिश्चितकालीन रोक लगा दी है. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम पब्लिक चार्ज बनने की आशंका वाले आवेदकों की सख्त जांच के लिए उठाया गया है.

Kanhaiya Kumar Jha
अमेरिका में 75 देशों के नागरिकों की एंट्री पर लगी ब्रेक, ट्रम्प प्रशासन ने नए वीजा पर लगाई रोक
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: अमेरिका ने एक बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए 75 देशों से आने वाले वीजा आवेदकों की प्रोसेसिंग पूरी तरह रोक दी है. यह रोक 21 जनवरी से लागू होगी और इसकी कोई समयसीमा तय नहीं की गई है. ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह कदम उन विदेशी नागरिकों को रोकने के लिए जरूरी है, जो अमेरिका में जाकर सरकारी सहायता योजनाओं पर निर्भर हो सकते हैं. इस फैसले से रूस, अफगानिस्तान, ईरान, ब्राजील और नाइजीरिया जैसे देशों के हजारों आवेदक प्रभावित होंगे.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, कुल 75 देशों के नागरिकों की वीजा प्रोसेसिंग रोक दी गई है. इनमें रूस, अफगानिस्तान, ईरान, इराक, ब्राजील, नाइजीरिया, मिस्र, थाईलैंड, यमन और सोमालिया जैसे देश शामिल हैं. प्रशासन का कहना है कि इन देशों से आने वाले कई आवेदकों के अमेरिका पहुंचने के बाद सरकारी सहायता योजनाओं पर निर्भर होने की आशंका अधिक पाई गई है.

पब्लिक चार्ज बना मुख्य आधार

ट्रंप प्रशासन ने इस फैसले के पीछे ‘पब्लिक चार्ज’ नीति को मुख्य वजह बताया है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ऐसे आवेदकों को रोकना जरूरी है जिनके भविष्य में वेलफेयर स्कीम्स पर निर्भर होने की संभावना अधिक है. विभाग ने साफ किया है कि अब वीजा स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रिया का दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा और जब तक नई व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो जाती, तब तक यह रोक जारी रहेगी.

सोमालिया पर खास नजर

प्रशासन का कहना है कि सोमालिया इस समय विशेष निगरानी में है. इसकी वजह मिनेसोटा में सामने आया एक बड़ा धोखाधड़ी घोटाला बताया जा रहा है. फेडरल जांच में खुलासा हुआ था कि हजारों लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए टैक्सपेयर्स के पैसों से चलने वाली सरकारी सहायता योजनाओं का दुरुपयोग किया. इसके बाद से प्रशासन ने इस तरह के मामलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है.

नए स्क्रीनिंग नियम और सख्ती

नवंबर 2025 में जारी नए निर्देशों के बाद काउंसलर अधिकारियों को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं. अब स्वास्थ्य, उम्र, अंग्रेजी भाषा का ज्ञान न होना और कमजोर वित्तीय स्थिति वीजा खारिज करने का आधार बन सकती है. नए नियमों के तहत बुजुर्गों या अधिक वजन वाले आवेदकों को भी वीजा देने से इनकार किया जा सकता है, यदि उन्हें भविष्य में इलाज या सहायता की जरूरत पड़ने की आशंका हो.

पुराने कानूनों की बदली व्याख्या

अमेरिका में ‘पब्लिक चार्ज’ का प्रावधान दशकों पुराना है, लेकिन अलग-अलग सरकारों ने इसे अलग तरीके से लागू किया है. 2022 में बाइडन प्रशासन ने इसके दायरे को सीमित कर दिया था. अब ट्रंप प्रशासन इसे फिर से व्यापक बना रहा है. इस नई नीति में छूट के मामले बेहद सीमित होंगे और केवल सख्त शर्तें पूरी करने पर ही वीजा जारी किया जाएगा. 2019 में भी इसी नीति को लेकर कानूनी विवाद सामने आए थे.