अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंचता जा रहा है. अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान के तीन जहाजों को निशाना बनाया और फिर इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की. US सेंट्रल कमांड ने इस हमले की जानकारी देते हुए कहा कि ईरान के तीन कच्चे तेल ले जाने वाले जहाजों पर हमला किया गया.
US सेंट्रल कमांड के मुताबिक उसकी ओर से किए गए हमले से पहले IRGC ने समुद्र में गश्त कर रहे अमेरिकी नेवी के दो युद्धपोतों पर मिसाइलें दागी थीं. हालांकि अमेरिकी नेवी ने ईरानियों के इन हमलों से सफलतापूर्वक खुद का बचाव किया और फिर इसके जवाब में तीन जहाजों को निशाना बनाया गया.
CENTCOM ने सोशल मीडिया पर M/T काइलो पर हुए हमले का एक वीडियो भी शेयर किया. यह जहाज उन तीन ईरानी कच्चे तेल ले जाने वाले जहाजों में से एक था, जिन्हें शनिवार को US सेना ने निशाना बनाया था. अमेरिका की ओर से इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा गया कि अमेरिकी सैनिकों की सटीकता और प्रोफेशनलिज्म के दम पर काइलो जहाज आज ओमान की खाड़ी में डूब गया. इसी के साथ ईरान का कच्चे तेल ले जाने वाला एक जहाज पूरी तरह से नष्ट हो गया और हमेशा के लिए खत्म हो गया. इसके लिए कई अहम जगहों को निशाना बनाया गया. सेंटकॉम के मुताबिक ईरान के ये तीन जहाज एक अरबों डॉलर के शैडो नेटवर्क का हिस्सा थे, जो IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को फंड देता है.
Thanks to the precision and professionalism of American service members, the M/T Kylo sank in the Gulf of Oman today and joined Iran’s navy at the bottom of the sea. pic.twitter.com/OwSDMl8SSQ
— U.S. Central Command (@CENTCOM) September 6, 2026
ईरान को नुकसान पहुंचाने के बाद CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिका का इन हमलों के पीछे ईरान पर आर्थिक बोझ डालने का मकसद था. उन्होंने इन हमलों को IRGC के लिए साफ संदेश बताते हुए कहा कि अगर आप हम पर हमले करते हैं तो हम आपको नुकसान पहुंचाने से पीछे नहीं हटेंगे. अगर जरूरत पड़ी तो ईरान के सीमित और असुरक्षित तेल बेड़े को पूरी तरह से नष्ट भी कर देंगे. हालांकि ईरान की ओर से इन हमलों को गैर कानूनी बताया गया और एक बार फिर से चेतावनी जारी की गई है.