नई दिल्ली: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सोमवार शाम यरूशलेम के 'हदासा ऐन केरेम अस्पताल' में दांतों के इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. उनके प्रवक्ता द्वारा जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है. हालांकि अधिकारियों ने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है कि उनका किस तरह का इलाज चल रहा है या वे कब तक डॉक्टरों की देखरेख में अस्पताल में रहेंगे.
यह अस्पताल दौरा ऐसे समय में हुआ है जब इस महीने की शुरुआत में नेतन्याहू ने एक अदालती सुनवाई के दौरान अपनी सेहत से जुड़ी अफवाहों और चिंताओं पर खुलकर बात की थी. अपनी मेडिकल कंडीशन से जुड़ी खबरों को लेकर चल रहे एक मानहानि के मामले में गवाही देते हुए नेतन्याहू ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था जिनमें कहा गया था कि वे गंभीर रूप से बीमार हैं.
सुनवाई के दौरान नेतन्याहू ने कोर्ट को बताया था कि उनकी सेहत बेहतरीन है. उन्होंने उन खबरों को पूरी तरह नकार दिया जिनमें दावा किया गया था कि उन्हें पेनक्रिएटिक कैंसर है. उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि अगर ऐसा होता तो वे आज यहां नहीं होते. उन्होंने यह भी बताया कि वे नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं समय पर मेडिकल चेकअप कराते हैं और उनकी हालिया हेल्थ रिपोर्ट्स बिल्कुल नॉर्मल आई है.
यह गवाही रामले मजिस्ट्रेट कोर्ट के अध्यक्ष न्यायाधीश मेनाहेम मिजराही के सामने हुई थी. हालांकि सुरक्षा कारणों की वजह से इस सुनवाई को तेल अवीव जिला अदालत की इमारत में शिफ्ट किया गया था. नेतन्याहू को एक अन्य आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होना था इसलिए यह सेशन सिर्फ 30 मिनट ही चल सका. जज ने बाद में पुष्टि की कि उनकी आगे की गवाही के लिए अगली तारीख तय की जाएगी.
नेतन्याहू ने सुनवाई के दौरान अपने पुराने मेडिकल इतिहास के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि वे पिछले कई सालों से प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या से जूझ रहे थे लेकिन डॉक्टरों ने पहले ही साफ कर दिया था कि यह खतरनाक नहीं है. उन्होंने इस समस्या को कम करने के लिए पहले एक सर्जरी भी कराई थी.
नेतन्याहू के अनुसार साल 2025 के आखिर में एक रूटीन मेडिकल चेकअप के दौरान डॉक्टरों को उनके प्रोस्टेट में कैंसर की शुरुआती स्टेज का पता चला था. उन्होंने स्पष्ट किया कि समय रहते इसका पता चल गया था और फिलहाल यह पूरी तरह कंट्रोल में है. दांतों के इलाज के लिए नेतन्याहू के इस ताजा अस्पताल दौरे ने एक बार फिर उनकी सेहत की ओर सबका ध्यान खींचा है खासकर ऐसे समय में जब वे देश के एक बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण दौर का नेतृत्व कर रहे हैं.