उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी नगर निगमों को 'वन डे गवर्नेंस सेंटर' स्थापित करने के आदेश दिए हैं. इन सेंटर्स पर जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र और घर- संपत्ति के दाखिल खारिज का काम किया जाएगा। नाम से ही साफ है कि ये काम नगर निगम को अब केवल एक दिन में करने होंगे. योगी सरकार का यह फैसला भ्रष्टाचार पर बड़ा वार माना जा रहा है. तमाम सेवाएं ऑनलाइन किए जाने से पहले ही बाबुओं के मकड़जाल का काम तमाम हो चुका है, अब वन डे गवर्नेंस सेंटर भ्रष्टाचार की कमर तोड़ देंगे.
उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में मंगलवार को सभी नगर निगमों में वन डे गवर्नेंस सेंटर स्थापित करने की घोषणा की. सरकार की योजना है कि 'वन डे गवर्नेंस सेंटर' के जरिए तमाम जरूरी काम एक ही दिन में पूरे किए जाएं ताकि लोगों को नगर निगम के चक्कर न काटने पड़ें और साथ भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी न रहे. केबिनेट मंत्री एके शर्मा ने लखनऊ महापौर का तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में सीएम योगी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे.
नगर विकास मंत्री ने कहा कि सरकार नगर निकाय की सेवाओं को पारदर्शी, फास्ट और नागरिकों के हित में बनाने का प्रयास कर रही है. प्रयागराज, वाराणसी और गारेखपुर समेत सूबे के सभी नगर निकायों में 'वन डे गवर्नेंस सेंटर' स्थापित किए जाएंगे. लखनऊ में सेंटर बनकर तैयार हो चुका है. एके शर्मा ने कहा कि सरकार का मकसद है कि लोगों सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में वन डे गवर्नेंस सिस्टम लागू किया था. हम खुद इस काम में शामिल थे, बस वही गुजरात मॉडल यूपी में भी लाने की तैयारी है.