नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में पिछले चार हफ्तों से जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मिलने के संकेत मिल रहे हैं. इजरायली मीडिया के अनुसार. ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अब अमेरिका के साथ सीधे संवाद के लिए तैयार हो गए हैं. कूटनीतिक सूत्रों का दावा है कि ईरानी विदेश मंत्री और अमेरिकी मध्यस्थ के बीच उच्च स्तरीय चर्चा हुई है. राष्ट्रपति ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि यह युद्ध अप्रैल की शुरुआत तक पूरी तरह समाप्त हो सकता है.
ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंधों में कूटनीति के नए दरवाजे खुलते नजर आ रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता शुरू करने की स्पष्ट मंजूरी दे दी है. यह बातचीत ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची और अमेरिकी मध्यस्थ स्टीव विटकॉफ के बीच हुई सार्थक चर्चाओं का परिणाम मानी जा रही है. इस कूटनीतिक पहल को तेहरान के उच्चतम स्तर से समर्थन मिला है, जो पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में स्थाई शांति के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य बहुत जल्द व्यापार के लिए खुल जाएगा. ट्रंप ने प्रस्ताव दिया कि इस रणनीतिक मार्ग का भविष्य में अमेरिका और ईरान मिलकर संयुक्त रूप से प्रबंधन करेंगे. उन्होंने कहा कि वे अयातुल्ला के साथ मिलकर इस जलमार्ग को नियंत्रित करना चाहते हैं. यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए जीवन रेखा के समान है. और इसके फिर से शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में स्थिरता आने की पूरी उम्मीद है.
वार्ता में सकारात्मक प्रगति को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरानी पावर प्लांट्स और ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर सभी सैन्य हमले फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिए जाएं. ट्रंप का दावा है कि तेहरान के साथ हालिया संवाद में कई प्रमुख सहमति के बिंदु उभरे हैं. हालांकि इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय ने ऐसी किसी भी बातचीत से आधिकारिक तौर पर इनकार किया था. लेकिन कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार पर्दे के पीछे शांति स्थापना की प्रक्रिया काफी तेज हो चुकी है.
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने इस युद्ध को समाप्त करने के लिए 9 अप्रैल की एक अनौपचारिक तारीख तय की है. यह समय सीमा इसलिए भी चुनी गई है क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप इसी महीने इजरायल की यात्रा करने वाले हैं. वहां उन्हें 'इजरायल प्राइज' से सम्मानित किया जाना है. युद्ध के समापन से ट्रंप एक शांतिदूत के रूप में इजरायल की स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हो सकेंगे. यह कदम न केवल ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय छवि को चमकाएगा बल्कि मिडिल ईस्ट में नए कूटनीतिक युग की शुरुआत करेगा.
राजनयिक गलियारों में इस बात की प्रबल चर्चा है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी और उच्च स्तरीय मुलाकात पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हो सकती है. मध्यस्थ देश इस बैठक को इसी सप्ताह आयोजित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. हालांकि इजरायल ने कहा है कि उसे इन वार्ताओं की अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. दूसरी ओर ईरानी संसद के अध्यक्ष कलीबाफ ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है.