menu-icon
India Daily

SPECIAL STORY: होर्मुज की नाकेबंदी दुनिया पर पड़ेगी भारी; पाकिस्तान-फिलीपींस जैसे देश होंगे पूरी तरह तबाह, भारत पर भी संकट?

होर्मुज की खाड़ी बंद होने से दुनिया भयंकर ऊर्जा संकट से जूझ रही है. तेल के दाम बढ़ने से पाकिस्तान और फिलीपींस जैसे गरीब देश पूरी तरह से आर्थिक तबाही के मुहाने पर खड़े हैं.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
SPECIAL STORY: होर्मुज की नाकेबंदी दुनिया पर पड़ेगी भारी; पाकिस्तान-फिलीपींस जैसे देश होंगे पूरी तरह तबाह, भारत पर भी संकट?
Courtesy: AI

आज हम उस खौफनाक सच की बात करेंगे, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. होर्मुज की खाड़ी पर हुई भयंकर नाकेबंदी ने पूरी दुनिया को रोक दिया है. आज हालात इतने खराब हैं कि विश्व इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की आग में जल रहा है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने भी इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना है. इस नाकेबंदी ने कई देशों की कमर तोड़कर उन्हें पूरी तरह से अंधकार में धकेल दिया है.

तबाही के मुहाने पर खड़े गरीब देश

होर्मुज की नाकेबंदी की भयानक मार उन देशों पर पड़ी है, जो पहले से ही आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थे. पाकिस्तान और फिलीपींस जैसे देश आज तबाही के मुहाने पर खड़े हैं. पाकिस्तान में बिजली गुल है, कारखाने बंद हैं और विदेशी मुद्रा भंडार दम तोड़ चुका है. ऊर्जा के बिना पूरा तंत्र ठप पड़ गया है. फिलीपींस की अर्थव्यवस्था भी मलबे में तब्दील हो रही है. ईंधन के बिना सब कुछ थम गया है.

आईएमएफ की दुनिया को आखिरी चेतावनी

गहराते संकट पर IMF के मुख्य अर्थशास्त्री ने दुनिया को एक बेहद गंभीर और आखिरी चेतावनी दे दी है. उनका कहना है कि अगर होर्मुज की यह नाकेबंदी आगे भी जारी रही, तो हम जल्द ही 'ग्लोबल मेल्टडाउन' का सामना करेंगे. यह एक ऐसी भयानक तबाही होगी, जिसकी भरपाई करने में दुनिया को दशकों का समय लगेगा. आईएमएफ ने साफ किया है कि यह संकट कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेगा. इसकी भीषण आग में पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था बहुत बुरी तरह झुलस जाएगी.

आसमान छूता तेल

बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग अब पूरी तरह से बेकाबू होती जा रही है. हालात ये हैं कि कच्चा तेल 150 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक आंकड़े को पार करने के लिए बेताब है. सबसे डरावनी बात यह है कि दुनिया की बीस प्रतिशत ऊर्जा सप्लाई अकेले ईरान के एक इशारे पर रुकी हुई है. होर्मुज से गुजरने वाला तेल दुनिया के व्यापार की जान है.

गरीबों पर मार

भयंकर महंगाई ने निचले तबके की कमर पूरी तरह से तोड़ दी है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दुनिया की महाशक्तियां इस ऊर्जा तबाही को समय रहते रोक पाएंगी, या फिर होर्मुज का यह घना अंधेरा पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को निगल जाएगा. अगर जल्द ही कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो यह संकट मानवता को एक गहरे अंधकार में धकेल कर तबाह कर देगा.