नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रहा सैन्य तनाव अब नई दिशा लेता दिख रहा है. CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य नेतृत्व के शीर्ष अधिकारी जनरल डैन केन ने ट्रंप प्रशासन को ईरान के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समाधान तलाशने की सलाह दी है. व्हाइट हाउस में हुई अहम बैठक में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि सिर्फ हवाई हमलों से ईरान को अमेरिकी शर्तें मानने के लिए मजबूर करना आसान नहीं होगा. इससे अमेरिकी रणनीति में बदलाव की संभावना बढ़ी है.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस की बैठक में जनरल डैन केन ने ईरान के खिलाफ मौजूदा सैन्य रणनीति पर चर्चा की. बैठक में विदेश मंत्री मार्को रुबियो और CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. केन ने कथित तौर पर संकेत दिया कि लगातार हवाई हमले अपेक्षित राजनीतिक परिणाम हासिल करने में सफल नहीं हो सकते. ऐसे में सैन्य कार्रवाई के साथ कूटनीतिक विकल्पों पर भी ध्यान देना जरूरी है.
करीब छह महीने से जारी संघर्ष के कारण अमेरिकी हथियारों और सैन्य संसाधनों पर दबाव बढ़ने की बात सामने आई है. बैठक में सैन्य विकल्पों और उनसे जुड़े संभावित जोखिमों पर भी विचार हुआ. ईरान की जमीन पर अमेरिकी सैनिकों को उतारना एक विकल्प माना जा सकता है, लेकिन ट्रंप प्रशासन कथित तौर पर इससे बचना चाहता है. जमीनी अभियान में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का खतरा बताया जा रहा है.
इसके बावजूद अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यदि आदेश देते हैं, तो अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर सैन्य अभियान चलाने में सक्षम है. यानी सैन्य विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. लेकिन लंबे संघर्ष के बाद अब ऐसा रास्ता खोजने की कोशिश बताई जा रही है, जिसमें अमेरिका को भारी सैन्य नुकसान का सामना न करना पड़े और तनाव को नियंत्रित किया जा सके.
छह महीने के संघर्ष के बाद ट्रंप प्रशासन के सामने सैन्य कार्रवाई और कूटनीति के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है. रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ऐसा समाधान चाहता है जिसे घरेलू मोर्चे पर भी रणनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश किया जा सके. इस दिशा में ईरान के साथ संभावित समझौता एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकता है. इससे युद्ध का दायरा बढ़ने से रोकने की कोशिश भी की जा सकती है.
अमेरिका की प्रमुख प्राथमिकताओं में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलना और ईरान के साथ संभावित कूटनीतिक समझौते को अंतिम रूप देना बताया जा रहा है. आने वाले दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप और जनरल डैन केन के बीच होने वाली संभावित बातचीत महत्वपूर्ण हो सकती है. इस बैठक से यह स्पष्ट हो सकता है कि अमेरिका आगे सैन्य दबाव बढ़ाएगा या तनाव कम करने के लिए बातचीत का रास्ता चुनेगा.