menu-icon
India Daily

IIT में अब 5 साल का होगा BTech? पूर्व डायरेक्टर के सुझाव से छिड़ी नई बहस

पूर्व IIT दिल्ली निदेशक वी. रामगोपाल राव ने IITs में पांच साल के BTech कार्यक्रम पर विचार करने का सुझाव दिया है. उनका कहना है कि अलग-अलग स्तर के छात्रों के लिए पढ़ाई में ज्यादा लचीलापन जरूरी है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
IIT में अब 5 साल का होगा BTech? पूर्व डायरेक्टर के सुझाव से छिड़ी नई बहस
Courtesy: social media

IIT में पढ़ाई और छात्रों की अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. पूर्व IIT दिल्ली निदेशक वी. रामगोपाल राव ने पांच वर्षीय BTech मॉडल का सुझाव दिया है. उनके मुताबिक इससे छात्रों को अपनी सीखने की गति के अनुसार पढ़ाई पूरी करने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त शैक्षणिक मदद लेने का अवसर मिल सकता है.

एक ही रफ्तार से पढ़ाई पर उठाया सवाल

रामगोपाल राव ने IITs में मौजूदा पढ़ाई के तरीके को लेकर कहा कि सभी छात्रों से एक जैसी गति से सीखने की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है. उनके मुताबिक कक्षाओं में JEE Advanced में बहुत अलग-अलग रैंक हासिल करने वाले छात्र साथ पढ़ते हैं. कोचिंग के अनुभव, भाषा और पहले की पढ़ाई में अंतर भी सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है.

चार साल में पढ़ाई पूरी करने का भी विकल्प

राव का सुझाव है कि BTech को औपचारिक रूप से पांच साल का कार्यक्रम बनाया जा सकता है, लेकिन जिन छात्रों ने जरूरी क्रेडिट समय से पूरा कर लिया है, उन्हें चार साल या संभव हो तो साढ़े तीन साल में डिग्री पूरी करने का विकल्प मिले. वहीं, जिन छात्रों को अतिरिक्त समय की जरूरत हो, वे पांचवें साल का इस्तेमाल पढ़ाई मजबूत करने में कर सकें.

अतिरिक्त समय के साथ मिले शैक्षणिक सहयोग

प्रस्तावित मॉडल में पांचवें साल को केवल अतिरिक्त समय के तौर पर नहीं, बल्कि जरूरी शैक्षणिक सहायता से जोड़ने की बात कही गई है. राव ने रिकॉर्डेड लेक्चर, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और जरूरत के अनुसार भाषा संबंधी मदद जैसे विकल्पों का सुझाव दिया. उनका कहना है कि पढ़ाई की गति छात्र की IIT में वास्तविक शैक्षणिक प्रगति के आधार पर तय होनी चाहिए.

IIT Bombay विवाद के बीच सामने आया सुझाव

राव ने यह विचार IIT Bombay के प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला से जुड़े हालिया विवाद के बीच सामने रखा है. उन्होंने दूल्ला के खिलाफ सार्वजनिक आरोपों पर चिंता जताते हुए कहा कि मामले से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने व्यापक मुद्दे के रूप में IITs में अलग-अलग शैक्षणिक स्तर वाले छात्रों के लिए शिक्षण व्यवस्था को लेकर चर्चा की. पांच वर्षीय BTech का सुझाव इसी व्यापक शैक्षणिक ढांचे में बदलाव के तौर पर रखा गया है.