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India Daily

अमेरिका से समझौते का ड्राफ्ट तैयार, ईरान बोला, 'अमेरिका हटाएगा नाकेबंदी, एक महीने के भीतर खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट'

अमेरिका और ईरान के बीच नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए एक अनौपचारिक समझौते का मसौदा तैयार होने की खबर सामने आई है.

KanhaiyaaZee
अमेरिका से समझौते का ड्राफ्ट तैयार, ईरान बोला, 'अमेरिका हटाएगा नाकेबंदी, एक महीने के भीतर खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट'
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में महीनों से जारी तनाव के बीच वैश्विक बाजार के लिए एक सुकून भरी खबर सामने आ रही है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य गतिरोध अब थमता नजर आ रहा है. दोनों देशों के बीच समुद्री रास्तों को दोबारा बहाल करने के लिए एक महत्वपूर्ण सहमति बनती दिख रही है. इस फैसले से दुनिया भर में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगने और ऊर्जा आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद जताई जा रही है.

ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने दावा किया है कि उसे अमेरिका के साथ होने वाले समझौते (MoU) का एक शुरुआती और अनौपचारिक मसौदा मिल गया है. इस रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और अपनी सैन्य टुकड़ियों को वापस बुलाने पर सहमत हो गया है. इसके बदले में ईरान एक महीने के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को युद्ध से पहले की स्थिति में ले आएगा.

समझौते के लिए क्या शर्तें रखी गई है?

इस मसौदे में साफ किया गया है कि युद्धपोतों की तैनाती में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा. इसके साथ ही ओमान के साथ मिलकर इस जलमार्ग के प्रबंधन पर अभी सहमति बनना बाकी है. ईरान का कहना है कि वह जमीनी स्तर पर ठोस सत्यापन के बिना कोई कदम नहीं उठाएगा. यदि अगले 60 दिनों में इस पर अंतिम मुहर लग जाती है, तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जरिए अमल में लाया जाएगा।

इस ऐतिहासिक चर्चा की शुरुआत फरवरी में छिड़े युद्ध के बाद हुई थी. दोनों देशों के बीच सीधे संबंध न होने के कारण पाकिस्तान ने इस बातचीत में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभाई है. भारत जैसे प्रमुख तेल आयातक देशों के लिए यह खबर किसी बड़ी संजीवनी से कम नहीं है. चूंकि यह जलमार्ग दुनिया का सबसे बड़ा एनर्जी चोक पॉइंट है, इसलिए भारतीय बाजार भी इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है.

प्रतिबंधों में ढील पर विस्तृत चर्चा

जानकारों के मुताबिक दोनों पक्षों के राजनयिक 14 बिंदुओं वाले एक व्यापक समझौते पर काम कर रहे हैं. इस चर्चा में केवल नाकेबंदी हटाना ही शामिल नहीं है, बल्कि ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देना, उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों को मुक्त करना और उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने की दोबारा आजादी देने जैसे कई संवेदनशील मुद्दे भी शामिल किए गए हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति का सख्त रुख

दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया था कि ईरान के साथ डील लगभग तय है. हालांकि, उनका यह भी कहना है कि वे किसी जल्दबाजी में नहीं हैं और उनके वार्ताकार पूरी तसल्ली से काम कर रहे हैं. ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक कोई ठोस और बेहतरीन समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरान की घेराबंदी पूरी तरह जारी रहेगी.