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India Daily

NASA Moon Colony Plan: 2032 तक चांद पर बस जाएगी इंसानी बस्ती! साउथ पोल पर बनेगा स्थायी बेस, नासा ने कर दिया ये ऐलान

NASA ने 2032 तक चांद के साउथ पोल पर इंसानी बस्ती बसाने की तैयारी तेज कर दी है. रोबोटिक लैंडर, ड्रोन और विशेष वाहनों की मदद से स्थायी बेस बनाया जाएगा. चीन भी 2030 तक चांद पर इंसान भेजने की तैयारी में जुटा है.

Dhiraj Kumar Dhillon
NASA Moon Colony Plan: 2032 तक चांद पर बस जाएगी इंसानी बस्ती! साउथ पोल पर बनेगा स्थायी बेस, नासा ने कर दिया ये ऐलान
Courtesy: NASA

आने वाले दिनों में चांद पर भी लोग रहने लगें तो चौंकिएगा मत. दरअसल अमेरिकी अंतरक्षि एजेंसी ने इसकी तैयारी तेज कर दी है. इसके लिए नासा ने छह साल का प्लान तैयार किया है. 2032 तक इस प्लान को परवान चढ़ाने की तैयारी की जा रही है. सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा तो 2032 तक चांद के साउथ पोल पर इंसानी बस्ती आबाद हो जाएगी. 

रोबोटिक लैंडर और खास वाहन भेजे जाएंगे

नासा ने कहा है कि इसके लिए रोबोटिक लैंडर, ड्रोन और खास वाहन चांद पर भेजे जाएंगे. अमेरिका की इस खास योजना में कई निजी कंपनियों को भी शामिल किया गया है. दूसरी ओर चीन की तैयारी अमेरिका से भी थोड़ी एडवांस बताई जा रही है. चीन 2030 तक यह सब करना चाहता है. चीनी एजेंसियां इंसानों को चांद पर भेजने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं. चीन हाल में अपना मिशन लॉन्च कर चुका है, शेनझोउ-23 नाम का यह मिशन अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर लेकर पहुंचा था, मतलब चीन भी अंतरिक्ष की दौड़ में अमेरिका से पीछे नहीं है.

चांद पर होगा NASA का स्थाई बेस

नासा की ओर से चांद पर स्थाई बेस बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि इंसान वहां रह सकें. इसके लिए एजेंसी रोबोटिक लैंडर, ड्रोन और विशेष वाहन भेजकर चांद की जमीन के बारे और स्टडी की तैयारी है. उसके लिए 2029 तक इंसानों का दल भी फिर से चांद पर भेजने की तैयारी है. नासा के साथ इस खास अभियान में इंट्यूटिव मशीन्स, ब्लू ओरिजिन और एस्ट्रोबोटिक जैसी निजी कंपनियां शामिल की गई हैं. बता दें क‌ि ब्लू ओरिजिन अमेजन के संस्थापक फाउंडर जेफ बेजोस की कंपनी है. यह कंपनी खास लूनर लैंडर तैयार करेगी, इसका नाम भी तय कर लिया गया है-एंड्योरेंस.  

लूनर लैंडर से तैयार होगा नक्शा, मिट्टी की जांच होगी

एंड्योरेंस और ड्रोन की मदद से चांद की सतह का नक्शा तैयार किया जाएगा और वहां की मिट्टी की भी जांच होगी. इसके साथ ही चांद पर भेजे जाने वाले विशेष वाहन अंतरिक्ष यात्रियों के चांद पर घूमने और सामान ले जाने में काम आएंगे. एस्ट्रोबोटिक कंपनी ग्रिफिन-1 लैंडर चांद पर भेजेगी, जो चांद पर साउथ पोल के नोबाइल क्रेटर में लैंड करेगा. हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों और लेजर तकनीक से उपकरण वहां सेफ लैंडिंग सुनिश्चित करने का काम करेंगे.

मार्च में 20 अरब डॉलर की योजना का ऐलान किया था

नासा ने दो माह पहले ही चांद के साउथ पोल पर बेस बनाने के ल‌िए 20 अरब डॉलर की योजना की घोषणा की थी. चांद पर स्थाई बेस का संचालन परमाणु और सौर ऊर्जा से किया जाएगा. नासा प्रमुख जेरेड इसाकमैन का कहना है कि अमेरिका चांद को दोबारा नहीं छोड़ेगा. नासा 2029 तक करीब 4 मीट्रिक टन सामान चांद पर पहुंचा चुका होगा. उसके बाद परमाणु रिएक्टर और सोलर सिस्टम स्थापित किए जाएंगे तो 2032 तक इंसानों के रहने के लिए घर बनाए जा सकें. नासा की योजना है ‌कि चांद के साउथ पोल पर जमे बर्फ से पीने का पानी, ऑक्सीजन और ईंधन तैयार किया जाएगा.