नई दिल्ली: पूरा देश मकर संक्रांति और पोंगल के जश्न में डूबा था, तब अरब सागर की लहरों के बीच भारतीय तटरक्षक बल के जांबाज एक बड़े खतरे को नाकाम कर रहे थे. 14 जनवरी, 2026 की काली रात को इंडियन कोस्ट गार्ड ने एक सटीक नाइट ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तानी मछली पकड़ने वाली नाव अल-मदीना को भारतीय जलक्षेत्र से दबोच लिया.
रात के सन्नाटे में अरब सागर में गश्त कर रहे कोस्ट गार्ड के जहाज को इंटरनेशनल मैरीटाइम बाउंड्री लाइन के पास एक संदिग्ध नाव दिखाई दी. जैसे ही आईसीजी जहाज ने अपनी लाइटों और रेडियो से चुनौती दी, पाकिस्तानी नाव ने रुकने के बजाय इंजन की रफ्तार बढ़ा दी. नाव अल-मदीना ने वापस पाकिस्तानी सीमा की ओर भागने की कोशिश की, लेकिन भारतीय जांबाजों ने समुद्र के बीच ही उसे चारों ओर से घेर लिया.
कोस्ट गार्ड के जवानों ने अदम्य साहस दिखाते हुए चलती हुई नाव पर बोर्डिंग की. इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के बाद नाव पर सवार 9 पाकिस्तानी क्रू मेंबर्स को हिरासत में ले लिया गया. कोस्ट गार्ड ने सोशल मीडिया (X) पर इस सफल ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि भागने की तमाम कोशिशों के बावजूद पाकिस्तानी नाव को भारतीय सीमा के भीतर ही इंटरसेप्ट कर लिया गया.
हिरासत में लिए गए संदिग्धों और नाव को फिलहाल गुजरात के पोरबंदर लाया जा रहा है. यहां मामला गंभीर होने के कारण कई एजेंसियां एक साथ जांच में जुट गई हैं:
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और सुरक्षा एजेंसियां: संदिग्धों से कड़ी पूछताछ करेंगी ताकि पता चल सके कि वे केवल मछली पकड़ने आए थे या किसी बड़ी साजिश (तस्करी या घुसपैठ) का हिस्सा थे.
नाव की विस्तृत तलाशी: अल-मदीना की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं इसमें हथियार, ड्रग्स या कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री तो नहीं छिपी है.
समुद्री रास्ते से होने वाली घुसपैठ भारत के लिए हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रही है. मकर संक्रांति जैसे बड़े त्योहार के मौके पर पाकिस्तानी नाव का भारतीय जलक्षेत्र में काफी भीतर तक आना कई सवाल खड़े करता है. हालांकि, कोस्ट गार्ड की इस त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि भारत की समुद्री सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं.