Xi Jinping US Visit: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर अमेरिका पहुंचे. वॉशिंगटन में उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगी. दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत में व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ताइवान, रेयर अर्थ मिनरल्स और दूसरे रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. यह जिनपिंग की एक दशक से ज्यादा समय बाद अमेरिका की पहली राजकीय यात्रा है.
इस यात्रा की शुरुआत ही खास रही, क्योंकि ट्रंप खुद जिनपिंग का स्वागत करने पहुंचे. विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का इस तरह एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत स्वागत करना हाल के वर्षों में सामान्य प्रोटोकॉल नहीं माना जाता.
जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ अमेरिका पहुंचे. उनके विमान से उतरने के बाद ट्रंप और अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने दोनों का स्वागत किया. इस दौरान एयरबेस पर रेड कार्पेट बिछाया गया था. इस दौरान अमेरिकी सैन्य बैंड और गार्ड ऑफ ऑनर भी मौजूद थे. दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए गए और सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया. समारोह में अमेरिकी B-1 बमवर्षक विमानों का फ्लाईपास्ट भी हुआ.
शी जिनपिंग की यह 10 साल से ज्यादा समय में पहली अमेरिकी राजकीय यात्रा है. इससे पहले वह 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में वॉशिंगटन आए थे. इस यात्रा के दौरान ट्रंप और जिनपिंग के बीच अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत होनी है. दोनों देशों के बीच व्यापार और तकनीक को लेकर लंबे समय से मतभेद रहे हैं. ऐसे में इस बैठक पर सिर्फ अमेरिका और चीन ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों की नजर है.
बैठक में अमेरिरका-चीन ट्रेड सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक हो सकता है. अमेरिका और चीन के बीच पहले से चल रही ट्रेड व्यवस्था और टैरिफ से जुड़े समझौतों पर आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है. दोनों देशों ने इस साल व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर समझौते किए हैं. मई में दोनों पक्षों ने गैर-संवेदनशील सामानों के व्यापार और निवेश से जुड़े नए तंत्र बनाने पर भी सहमति जताई थी. अब बातचीत का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर हो सकता है कि इन समझौतों को किस तरह आगे बढ़ाया जाए और दोनों देशों के बीच व्यापार को स्थिर कैसे रखा जाए.
रेयर अर्थ मिनरल्स और क्रिटिकल मिनरल्स भी बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो सकते हैं. इन खनिजों का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, आधुनिक तकनीक, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और रक्षा से जुड़े उद्योगों में होता है. अमेरिका इनकी सप्लाई को लेकर चीन पर काफी निर्भर रहा है. मई में हुए समझौते में चीन ने रेयर अर्थ और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई से जुड़ी अमेरिकी चिंताओं को दूर करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही थी.
दुनिया में तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक भी ट्रंप-जिनपिंग बातचीत का बड़ा मुद्दा है. अमेरिका और चीन दोनों AI के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. दोनों देशों के बीच AI मॉडल, तकनीकी सुरक्षा और एडवांस टेक्नोलॉजी को लेकर भी प्रतिस्पर्धा है. अमेरिकी अधिकारियों ने AI सुरक्षा और दोनों देशों के बीच बेहतर संवाद के लिए एक व्यवस्था बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की है. हालांकि, इस मुद्दे पर अंतिम समझौता क्या होगा, यह बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा.
व्यापार और तकनीक के अलावा ताइवान भी अमेरिका-चीन संबंधों का बेहद संवेदनशील मुद्दा है. दोनों देशों के बीच ताइवान को लेकर लंबे समय से मतभेद हैं. इसके अलावा ईरान से जुड़े घटनाक्रम और चीन के साथ उसके संबंध भी अमेरिकी पक्ष की बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं. अमेरिकी अधिकारी चीन से फेंटेनाइल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ रसायनों की सप्लाई रोकने को लेकर भी बात करते रहे हैं.
ट्रंप और जिनपिंग की यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और चीन के बीच आर्थिक सहयोग के साथ-साथ तकनीकी और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा भी जारी है. टैरिफ, AI, रेयर अर्थ मिनरल्स, कृषि व्यापार, ताइवान और दूसरे सुरक्षा मुद्दों पर दोनों देशों की अपनी-अपनी चिंताएं हैं. ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली बातचीत से यह पता चलेगा कि वॉशिंगटन और बीजिंग इन मतभेदों को किस तरह संभालने की कोशिश करते हैं.