नई दिल्ली: कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का सख़्त जवाब दिया है. ट्रंप के आरोपों और धमकियों के बीच पेट्रो ने कहा कि अगर अमेरिका वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप करता है या उनके खिलाफ कार्रवाई करता है, तो वे अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए फिर से हथियार उठाने के लिए तैयार हैं. पेट्रो ने अपने नशीले पदार्थों के खिलाफ किए गए अभियानों और संवैधानिक अधिकारों का भी बचाव किया है.
गुस्तावो पेट्रो, जो कभी M-19 गुरिल्ला समूह के सदस्य थे, ने स्पष्ट किया कि वे पहले भी हथियार छोड़ चुके हैं, लेकिन अगर कोलंबिया या क्षेत्र की संप्रभुता पर खतरा आया, तो वे फिर से हथियार उठाने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, 'मैंने कसम खाई थी कि फिर हथियार नहीं उठाऊंगा, लेकिन मातृभूमि की रक्षा के लिए यह करना पड़ेगा.'
ट्रंप ने पेट्रो को बीमार आदमी कहा और उन पर ड्रग तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया. इसके अलावा, उन्होंने चेतावनी दी कि पेट्रो को अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए. पेट्रो ने ट्रंप के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ सबूत नहीं हैं और उन्होंने अपनी सरकार के एंटी-नारकोटिक्स रिकॉर्ड का हवाला दिया.
पेट्रो ने कहा कि उनकी सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी कोकीन ज़ब्ती की निगरानी की, कोका की खेती में वृद्धि को रोका और लगभग 30,000 हेक्टेयर में स्वैच्छिक फसल प्रतिस्थापन कार्यक्रम लागू किया. उन्होंने बताया कि सुरक्षा अभियान मानवीय कानून का पालन करते हुए ड्रग तस्करों और सशस्त्र समूहों को निशाना बनाते हैं.
पेट्रो ने चेताया कि यदि अमेरिकी सेना बिना सही जानकारी के ड्रोन या बमबारी करती है, तो यह बच्चों और नागरिकों की जान को खतरे में डालेगा. उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रपति मादुरो को हिरासत में लिया गया, तो यह जनता के गुस्से को भड़का देगा और क्षेत्रीय अस्थिरता पैदा करेगा.
पेट्रो ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन दक्षिणपंथी विपक्ष का समर्थन कर रहा है, जो कोलंबिया में आगामी चुनावों में सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि कोलंबिया में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान होना चाहिए, और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप से शांति और स्थिरता खतरे में पड़ेगी.