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India Daily

ईरान के हिंसक विरोध प्रदर्शन और ट्रंप की धमकी के बीच भारत ने जारी की ट्रेवल एडवाइजरी

विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि अगली सूचना तक भारतीय नागरिक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें. यह सलाह देश में बिगड़ते कानून-व्यवस्था के हालात को ध्यान में रखते हुए दी गई है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ईरान के हिंसक विरोध प्रदर्शन और ट्रंप की धमकी के बीच भारत ने जारी की ट्रेवल एडवाइजरी
Courtesy: pinterest

ईरान में लगातार बढ़ रहे हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि अगली सूचना तक भारतीय नागरिक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें. यह सलाह देश में बिगड़ते कानून-व्यवस्था के हालात को ध्यान में रखते हुए दी गई है.

ईरान में रह रहे भारतीयों को विशेष निर्देश

विदेश मंत्रालय ने ईरान में पहले से रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को भी सतर्क रहने को कहा है. उन्हें प्रदर्शन और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने, स्थानीय समाचारों पर नजर रखने और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने की सलाह दी गई है. साथ ही, जिन भारतीय नागरिकों ने अभी तक दूतावास में अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उनसे जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया है.

क्यों भड़के हैं ईरान में प्रदर्शन

ईरान में ये प्रदर्शन दिसंबर के आखिर में तब शुरू हुए, जब देश की मुद्रा में भारी गिरावट आई और महंगाई तेजी से बढ़ी. शुरुआत में तेहरान में दुकानदारों ने बढ़ती कीमतों के खिलाफ हड़ताल की, लेकिन धीरे-धीरे यह आंदोलन देश के कई हिस्सों में फैल गया. अब प्रदर्शन केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि इनमें राजनीतिक मांगें भी शामिल हो गई हैं.

78 शहरों तक फैला आंदोलन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक ईरान के कम से कम 78 शहरों और 222 स्थानों पर प्रदर्शन हो चुके हैं. देश के 31 में से 25 प्रांत किसी न किसी रूप में इन प्रदर्शनों से प्रभावित हुए हैं. कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें भी हुई हैं.

सरकार का सख्त रुख

ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसनी एजई ने कहा है कि हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना जनता का अधिकार है, लेकिन कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.

अब तक कितनी जानें गईं

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 30 दिसंबर के बाद से हुई झड़पों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सुरक्षा बलों के सदस्य भी शामिल हैं.

आर्थिक संकट बना बड़ी वजह

ईरान की अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बुरी तरह प्रभावित है. पिछले एक साल में ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत डॉलर के मुकाबले एक-तिहाई से ज्यादा गिर चुकी है और महंगाई दो अंकों में बनी हुई है. यही आर्थिक दबाव इन व्यापक प्रदर्शनों की मुख्य वजह माना जा रहा है.