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India Daily

ईरान-अमेरिका तनाव से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1200 अंक टूटा; निवेशकों में हड़कंप

ईरान-यूएस तनाव के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज हुई. सेंसेक्स 1200 से ज्यादा अंक टूट गया और निफ्टी 23,000 के नीचे पहुंच गया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
ईरान-अमेरिका तनाव से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1200 अंक टूटा; निवेशकों में हड़कंप
Courtesy: grok

मुंबई: सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए भारी दबाव के साथ हुई. सोमवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट देखने को मिली. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है, जिसका असर भारत पर भी पड़ा. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की स्थिति और कमजोर कर दी. निवेशकों में डर का माहौल है और आगे भी अस्थिरता बनी रहने की आशंका जताई जा रही है.

तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का कारण है. महंगे तेल से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है और इससे रुपये पर भी दबाव पड़ता है. ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगातार ऊंचाई ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है. इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया है और बाजार में बिकवाली का माहौल बना हुआ है.

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

मार्च महीने में विदेशी निवेशकों ने लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाला है. अब तक हजारों करोड़ रुपये की बिकवाली हो चुकी है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा है. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता, रुपये की कमजोरी और अन्य बाजारों की तुलना में कम रिटर्न जैसे कारणों से विदेशी निवेशक दूरी बना रहे हैं. इससे बाजार में गिरावट और गहरी हो सकती है.

बढ़ता डर और वैश्विक असर

इंडिया वीआईएक्स में करीब 10 प्रतिशत की तेजी आई है, जो बाजार में बढ़ते डर को दर्शाता है. एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली है, जिससे संकेत मिलता है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने हालात और खराब कर दिए हैं. निवेशक फिलहाल सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं.

आगे का रास्ता क्या होगा

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय तनाव कम नहीं होता और तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा. निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. दीर्घकालिक निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अल्पकालिक निवेश में जोखिम बना हुआ है. आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे.