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India Daily

जंग के बीच ईरान का बड़ा फैसला, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से वसूल रहा लगभग 18.8 करोड़ रुपये - रिपोर्ट

ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से भारी शुल्क ले रहा है. इससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है और अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ता जा रहा है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
जंग के बीच ईरान का बड़ा फैसला, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से वसूल रहा लगभग 18.8 करोड़ रुपये - रिपोर्ट
Courtesy: @ProfNoorul and @Saharshaikfans x account

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा संकट सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक जिसमें एक ईरानी सांसद का हवाला दिया गया है, ईरान, इजरायल और अमेरिका के साझा मोर्चे के साथ चल रहे अपने जोरदार युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की इजाजत देने के लिए कुछ मालवाहक जहाजों से ईरान 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 18.8 करोड़ रुपये वसूल रहा है.

यह दावा कथित तौर पर रविवार को ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलाउद्दीन बोरुजेर्दी ने किया था. उन्होंने कथित तौर पर इस कदम को ईरान द्वारा इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपनी सत्ता का इस्तेमाल करने का एक तरीका बताया. अब क्योंकि युद्ध में खर्च होता है, इसलिए स्वाभाविक रूप से हमें ऐसा करना होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस लेनी होगी.

कब की गई ये टिप्पणी?

ऐसा समझा जाता है कि यह टिप्पणी मूल रूप से एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान की गई थी, जिसका जिक्र ईरानी सरकारी मीडिया ने किया था. बोरुजेर्दी ने कहा कि यह कदम ईरान की ताकत को दिखाती है.

खास बात यह है कि इस तरह के किसी भी लेन-देन से शिपिंग कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी, क्योंकि ईरान पर कई तरह के अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हुए हैं.

होर्मुज जलडमरूमध्य पर कैसा पड़ा युद्ध का असर?

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ईंधन परिवहन के लिए एक अहम रास्ता है और चल रहे युद्ध के चलते मार्च के पहले हफ्ते से ही यह लगभग बंद पड़ा है. दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) इसी अहम शिपिंग मार्ग से होकर गुजरता है.

इस रणनीतिक जलडमरूमध्य से मालवाहक जहाजों के गुजरने में आई रुकावट के कारण दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं. हालांकि हाल की कई समाचार रिपोर्टों के मुताबिक ऐसा लगता है कि ईरान चुनिंदा तरीके से ही इस नाकेबंदी को लागू कर रहा है.

ईरानी अधिकारियों ने क्या कहा?

ईरानी अधिकारियों जिनमें विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं, उन्होंने  हाल ही में कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल दुश्मनों और उनकी आक्रामकता का समर्थन करने वालों के टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है.

पिछले हफ्ते उन्होंने जापानी समाचार एजेंसी को बताया कि तेहरान जापान से जुड़े जहाजों को इस जलडमरूमध्य से गुजरने देने के लिए तैयार है. हालांकि दोनों में से किसी भी देश की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई.