नई दिल्ली: जंग के बीच कभी-कभी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो हैरान कर देती हैं. ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक जवान की वायरल तस्वीर में देखा जा सकता है कि वह एक बैलिस्टिक मिसाइल पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की फोटो का स्टीकर लगा रहा है.
यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि सांचेज ने अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों की खुलकर निंदा की थी. जब ज्यादातर पश्चिमी नेता चुप थे या अमेरिका के साथ खड़े दिख रहे थे, तब सांचेज ने इसे गलत करार दिया. ईरान में इस बयान को बहुत सराहा गया और जवानों ने मजाकिया लेकिन मजबूत संदेश देने का यह तरीका चुना.
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने हाल ही में मध्य पूर्व युद्ध पर अमेरिका की नीति की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है. ईरान ने इसे अपने पक्ष में समर्थन माना. IRGC के जवानों ने सांचेज के बयान वाली तस्वीरों को मिसाइलों पर चिपकाकर एक तरह का प्रतीकात्मक धन्यवाद दिया. सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैला और लोगों में हलचल मचा दी.
यहां देखें वीडियो
Iran is putting the photo of Spain's President on their ballistic missiles, with his quote about the war being illegal
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 22, 2026
Not a good time to be President Sánchez 😂 pic.twitter.com/s9QxQKNnxw https://t.co/ZU8SJx3Ebf
यह तस्वीर कई स्तरों पर अर्थ रखती है. पहला, ईरान दुनिया भर में अपने समर्थकों को तलाश रहा है और जो भी उसके साथ खड़ा होता है, उसे अपना दोस्त मानता है. दूसरा, जंग के तनाव भरे माहौल में भी ईरानी सैनिकों में हौसला और हल्का-फुल्का मजाकिया अंदाज बरकरार है. तीसरा, स्पेन के प्रधानमंत्री के लिए यह स्थिति थोड़ी अजीब है- उनकी शांति की अपील अब हथियारों से जुड़ गई है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध अब चौथे हफ्ते में है. अमेरिका-इजरायल की एयर स्ट्राइक ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर से जुड़े ठिकानों पर केंद्रित हैं. ईरान ने भी जोरदार जवाबी हमले किए. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज अभी भी पूरी तरह बंद है, जहां से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल गुजरता है. इस वजह से वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं.
हॉर्मुज बंद होने से तेल आपूर्ति प्रभावित है और कई देशों में पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है. ईरान ने स्पष्ट किया कि रास्ता तब तक नहीं खुलेगा जब तक उसके नष्ट हुए ढांचे की मरम्मत नहीं हो जाती. सांचेज की तस्वीर वाली यह घटना युद्ध के बीच एक अनोखा प्रचार टूल बन गई है, जो दिखाता है कि तेहरान मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी सक्रिय है.