नई दिल्ली: सऊदी अरब में इस सर्दी का सबसे ठंडा दौर शुरू होने जा रहा है. राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NCM) के अनुसार, 14 से 17 जनवरी के बीच देश के कई हिस्सों में तेज ठंड की लहर चलेगी. उत्तरी इलाकों से शुरू होकर यह ठंड धीरे-धीरे मध्य क्षेत्रों तक पहुंचेगी. कई जगहों पर तापमान शून्य से नीचे गिरने का अनुमान है, जो इस समय के लिए असामान्य माना जा रहा है. प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.
मौसम विभाग के मुताबिक ठंड की यह लहर सबसे पहले तबूक, अल-जौफ, नॉर्दर्न बॉर्डर्स और हाइल क्षेत्रों को प्रभावित करेगी. इसके साथ ही मदीना क्षेत्र के उत्तरी हिस्सों में भी तापमान तेजी से गिरने की संभावना है. इन इलाकों में रात और सुबह के समय कड़ाके की ठंड पड़ेगी. ठंडी हवाओं के कारण खुले इलाकों में ठिठुरन और पाला जमने जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
प्रारंभिक रूप से प्रभावित क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान -3 डिग्री सेल्सियस से -1 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है. यह तापमान सऊदी अरब के लिए बेहद कम माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी ठंड के कारण विशेष रूप से रात के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है. बुजुर्गों, बच्चों और खुले में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है.
NCM के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार को ठंडी हवा का यह सिस्टम दक्षिण की ओर बढ़ेगा. इसका असर कासिम क्षेत्र, ईस्टर्न प्रोविंस के उत्तरी हिस्सों और राजधानी रियाद तक दिखाई देगा. इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान -4 डिग्री से 1 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह इस मौसम में सामान्य से कहीं ज्यादा ठंडा हालात होंगे.
राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने सभी प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से ठंड को लेकर सतर्क रहने की अपील की है. खासतौर पर रात और तड़के सुबह के समय बाहर निकलते वक्त गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है. किसानों और पशुपालकों को भी अपनी फसलों और पशुओं को ठंड से बचाने के उपाय करने को कहा गया है. ठंड के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने की आशंका भी जताई गई है.
NCM ने कहा है कि मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है, इसलिए लोगों को आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए नियमित अपडेट लेते रहना चाहिए. प्रशासन का कहना है कि समय रहते जानकारी मिलने से नुकसान को कम किया जा सकता है. आने वाले दिनों में ठंड की यह लहर सऊदी अरब के कई हिस्सों में रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है, ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है.