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India Daily

ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस रजा पहलवी से सीक्रेट मीटिंग, ट्रंप का वॉर संकेत; ईरान में क्या होने वाला है?

ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच ट्रंप प्रशासन ने बातचीत खत्म करने के संकेत दिए हैं. रजा पहलवी से गुप्त बैठक, सैन्य विकल्पों पर मंथन और तेहरान के तीखे पलटवार ने हालात और गंभीर कर दिए हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस रजा पहलवी से सीक्रेट मीटिंग, ट्रंप का वॉर संकेत; ईरान में क्या होने वाला है?
Courtesy: social media

नई दिल्ली: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को फिर गर्मा दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान से बातचीत रोकने और सैन्य विकल्पों पर विचार के संकेत देकर संकट को नई दिशा दे दी है. इसी बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के साथ व्हाइट हाउस की गुप्त बैठक और अमेरिका पर ईरान के सीधे आरोपों ने तनाव को खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है.

बातचीत खत्म, सख्त संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ बातचीत का दौर अब खत्म हो चुका है. सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी प्रस्तावित बैठकों को रद्द करने की जानकारी दी. इसे ट्रंप प्रशासन के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है. व्हाइट हाउस में हुई बैठकों से संकेत मिलते हैं कि वॉशिंगटन अब कूटनीति से आगे के विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है.

रजा पहलवी से गुप्त मुलाकात

Axios की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने ईरान के निर्वासित पूर्व क्राउन प्रिंस रजा पहलवी से गुप्त बातचीत की. यह बैठक पिछले 15 दिनों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर हुई. इसे ट्रंप प्रशासन और ईरानी विपक्ष के बीच पहली उच्चस्तरीय बातचीत माना जा रहा है. रजा पहलवी खुद को संभावित संक्रमणकालीन नेता के रूप में पेश कर रहे हैं.

व्हाइट हाउस में वॉर प्लान पर चर्चा

मंगलवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने ईरान की स्थिति पर संभावित प्रतिक्रियाओं को लेकर बैठक की. हालांकि ट्रंप इसमें शामिल नहीं हुए. एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, चर्चा शुरुआती चरण में है और अभी किसी सैन्य कार्रवाई पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. विदेश मंत्री मार्को रुबियो गैर-सैन्य विकल्पों जैसे कूटनीतिक दबाव और आर्थिक प्रतिबंधों पर ज्यादा जोर देने के पक्ष में बताए जा रहे हैं.

ट्रंप की चेतावनी और तेहरान का जवाब

ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है तो अमेरिका सख्त कदम उठाएगा. इसके कुछ ही घंटों बाद ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया. ईरान ने इसे उसकी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया.

जमीन पर हालात और बढ़ता खतरा

मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार, ईरान में प्रदर्शनों के दौरान अब तक 2,403 लोगों की मौत हो चुकी है और 18,137 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं. मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं. शुरुआती तौर पर आर्थिक संकट से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब धार्मिक शासन के खिलाफ खुली चुनौती बन चुके हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बाहरी हस्तक्षेप और आंतरिक असंतोष का यह मेल पूरे क्षेत्र के लिए अस्थिरता बढ़ा सकता है.