Russia-Ukraine War: रूस के हमले कीव पर तेज हो गए हैं. गुरुवार को कीव पर रूस ने बड़ा हवाई हमला किया. इस हमले में 21 लोग मारे गए जबकि 50 से ज्यादा घायल हुए. रूसी सेना ने 598 ड्रोन और 31 मिसाइलें दागीं. इस हमले को 2022 में शुरू हुए युद्ध के बाद से बड़ा हमला बताया जा रहा है. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति ने पुतिन की मंशा पर सवाल उठाए हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन शांति के बारे में नहीं सोच रहे हैं. उनका मकसद युद्र करना है. यह हमला सिर्फ यूक्रेन ही नहीं बल्कि यूरोप और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भी सीधा संदेश है.
पुतिन युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार नहीं- जेलेंस्की
वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, वाशिंगटन में हमने सुना कि पुतिन युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार हैं नेताओं के स्तर पर बैठक करके महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाने के लिए. लेकिन इसके बजाय, वह शांति की दिशा में किसी भी वास्तविक कदम के बजाय बैलिस्टिक को चुनते हैं. वह बच्चों की हत्या कर देते हैं ताकि इस बारे में बात न हो कि शांति कब और कैसे आएगी.
In Washington we heard that Putin is supposedly ready to end the war – to meet at the leaders’ level and resolve key issues. But instead he chooses ballistics over any real steps toward peace. He kills children in order not to talk about when and how peace will come. pic.twitter.com/DWw5F2Bh2t
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) August 28, 2025
यूक्रेन पर रूसी हमले जारी हैं. आए दिन रूसी रॉकेट शहर की हीट कर रहे हैं. ऐसे में ये अमेरिका और यूरोप को लिए चिंता की बात है. डोनाल्ड ट्रंप दोनों देश के बीच शांति समझौता का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन रूस की तरफ से कोई पहल फिलहाल नहीं दिख रही है.
डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कुछ दिन पहले अलास्का में मिले थे. इस बैठक में रूस -यूक्रेन युद्ध को लेकर चर्चा हुई थी. लगा था कि कोई बीच का रास्ता निकलेगा. ट्रंप ने कहा था पुतिन और जेलेंस्की के बीच शांति बैठक जल्द होने वाली है, लेकिन अभी तक न कोई ऐसी बैठक हुई है और न ही कोई ठोस योजना. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी दी थी कि यदि व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के खिलाफ युद्ध रोकने के लिए सहमत नहीं हुए तो रूस के खिलाफ "गंभीर परिणाम" भुगतने होंगे.