मिडिल ईस्ट में वाशिंगटन द्वारा अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान पर किसी भी प्रकार का सैन्य हमला क्षेत्र में एक बड़े युद्ध को जन्म देगा.
देश में फैली ताजा अशांति और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच बोलते हुए खामेनेई ने कहा कि अमेरिका को सैन्य कार्रवाई के परिणामों के बीच किसी भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए.
खामेनेई ने कहा, 'अमेरिका को पता होना चाहिए कि इस बार अगर वे युद्ध शुरू करते हैं तो यह एक क्षेत्रीय युद्ध होगा. ईरानियों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों से डरना नहीं चाहिए.'
गौरतलब है कि खामेनेई की ये चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान में हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और वाशिंगटन की तीखी बयानबाजी के बीच अमेरिका ने खाड़ी में एक विमानवाहरक पोत समूह और अतिरिक्त सेना भेजी है.
ईरान में बढ़ती महंगाई और आर्थिक कठिनाइयों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे जो बाद में सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए. ईरान के नेताओं ने कहा कि इन विरोध प्रदर्शन और अशांति के पीछे अमेरिका और इजरायल जैसी विदेशी शत्रु ताकतों का हाथ है.
खामेनेई ने इस बात से इनकार किया कि ये विदोध प्रदर्शन अक्समात थे और इन्होंने इन्हें राज्य सरकार को उखाड़ फेंकने का एक संगठित प्रयास बताया. खामेनेई ने कहा, 'प्रदर्शनकारियों ने पुलिस, सरकारी केंद्रों, आईआरजीसी केंद्रों, बेंकों और मस्जिदों पर हमले किए और कुरान को जला दिया. यह एक विद्रोह की तरह था.' उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस प्रदर्शन को दबा दिया.
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इन विरोध प्रदर्शनों में 3000 से अधिक लोग मारे गए. मरने वालों में ज्यादातर सुरक्षा बलों के सदस्य या हिंसा में फंसे नागरिक थे. तेहरान ने इन मौतों के लिए आतंकवादी कृत्यों को जिम्मेदार ठहराया है.
तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद, दोनों पक्षों ने बातचीत की संभावना जताई है. ट्रंप ने कहा कि बातचीत जारी है जबकि ईरान ने कहा कि वह परमाणु वार्ता के लिए तैयार है बशर्ते उसके मिसाइल और रक्षा कार्यक्रमों को इसमें शामिल न किया जाए.