इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब बढ़ता जा रहा है. इस युद्ध में अब मिडिल ईस्ट के दूसरे देश भी शामिल होने शुरू हो गए हैं. इजरायल और ईरान द्वारा जब पहली बार हमला किया गया तो ईरान ने मीडिल ईस्ट कई देशों के अमेरिकी बेस पर हमला किया था. हालांकि इस दौरान मिडिल ईस्ट के देशों ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने से मना कर दिया है.
मिडिल ईस्ट के देशों का कहना था कि यह लड़ाई उनकी है, लेकिन अब इस संघर्ष में खाड़ी देश भी शामिल होने लगे हैं. ईरान के आखिरी हमले से नाराज कतर ने बड़ा कदम उठाया है. कतर ने ईरान के दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अताशे को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' यानी अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है. इसका मतलब अब इन अधिकारियों और उनके स्टाफ को 24 घंटे में देश छोड़ना होगा.
कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरान के दूतावास को आधिकारिक नोट सौंपा है. इसमें कहा गया है कि ईरान के सैन्य अताशे, सुरक्षा अताशे और दोनों कार्यालयों के सभी स्टाफ 'पर्सोना नॉन ग्राटा' हैं. उन्हें अधिकतम 24 घंटे का समय दिया गया है, इसके दौरान उन्हें कतर छोड़ना होगा.
कतर मंत्रालय द्वारा बुधवार को लिया गया यह फैसला ईरान के अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ा सकता है. विदेश मंत्रालय के प्रोटोकॉल निदेशक इब्राहिम यूसुफ फखरो ने ईरानी राजदूत अली सालेह अबादी से मुलाकात की. कतर का कहना है कि ईरान ने बार-बार हमले किए. इन हमलों ने कतर की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन किया. रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमला इसका एक बड़ा उदाहरण है. यह दुनिया का सबसे बड़ा तरलीकृत प्राकृतिक गैस उत्पादन केंद्र है. इसका नुकसान करना गलत है.
बता दें कि जब भी किसी देश द्वारा किसी विदेशी अधिकारी को अवांछित घोषित किया जाता है तो उसे 'पर्सोना नॉन ग्राटा' कहते हैं. कतर ने अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 और अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों का हवाला दिया है. ईरान ने अपने गैस फील्ड पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई की धमकी दी.
उसने कतर, सऊदी अरब और यूएई के तेल-गैस ढांचे को निशाना बनाने की बात कही है. खास तौर पर सऊदी अरब की समरेफ रिफाइनरी, जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, यूएई के अल होस्न गैस फील्ड और कतर के रास लफ्फान रिफाइनरी तथा पेट्रोकेमिकल प्लांट्स का नाम लिया गया है. ईरान द्वारा इस हमले को सही बताया जा रहा है. हालांकि सऊदी ने पने एयर डिफेंस को अलर्ट मोड़ पर रखा है. कतर ने अब कह दिया कि ईरान अगर ऐसा करता रहता है तो सख्त एक्शन लिए जाएंगे.