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नेपाल में पूर्व चीफ जस्टिस की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप, घर पहुंची क्राइम ब्रांच; जानिए पूरा मामला

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस चोलेन्द्र शमशेर जंग बहादुर राणा को काठमांडू क्राइम ब्रांच ने उनके महाराजगंज स्थित आवास से हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज हुई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई.

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Edited By: Reepu Kumari
नेपाल में पूर्व चीफ जस्टिस की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप, घर पहुंची क्राइम ब्रांच; जानिए पूरा मामला
Courtesy: @NoNext_Question

नई दिल्ली: नेपाल के न्यायिक हलकों में उस समय हलचल बढ़ गई, जब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस चोलेन्द्र शमशेर जंग बहादुर राणा को पुलिस ने उनके घर से हिरासत में ले लिया. काठमांडू क्राइम ब्रांच की टीम रविवार सुबह महाराजगंज स्थित उनके आवास पर पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब राणा का नाम नेपाल की न्यायपालिका से जुड़े कई अहम मामलों के कारण पहले भी चर्चा में रहा है.

पुलिस के अनुसार, पूर्व चीफ जस्टिस राणा के खिलाफ काठमांडू क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज की गई थी. इसी शिकायत के आधार पर उन्हें आवश्यक जांच के लिए हिरासत में लिया गया. हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि शिकायत में कौन से आरोप लगाए गए हैं या गिरफ्तारी का तत्काल आधार क्या है. अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है.

महाभियोग के बाद पद से हुए थे निलंबित

चोलेन्द्र शमशेर राणा ने 2 जनवरी 2019 को नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का पद संभाला था. इसके कुछ वर्षों बाद 13 फरवरी 2022 को संसद में उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हुई. संवैधानिक प्रावधानों के तहत महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही वह स्वतः निलंबित हो गए थे. इसके बाद लंबे समय तक उनके खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट में चलता रहा और उनके कार्यकाल को लेकर न्यायिक तथा राजनीतिक बहस जारी रही.

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ शुरू की गई महाभियोग प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उनके पक्ष में पेंशन और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली अन्य रकम जारी करने का आदेश दिया था. यह घटनाक्रम उनके मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ माना गया. अब गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर पूर्व चीफ जस्टिस राणा का मामला चर्चा में आ गया है.

ओली सरकार के फैसले पर भी आया था बड़ा फैसला

राणा के कार्यकाल का एक अहम अध्याय तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से जुड़े मामले से भी जुड़ा रहा. ओली की अगुवाई वाली सरकार के संसद भंग करने के फैसले को उस समय राणा की अध्यक्षता वाली संवैधानिक पीठ ने खारिज कर दिया था. पीठ ने इसके साथ नेपाली कांग्रेस और माओवादी गठबंधन के नेता शेर बहादुर देउवा को प्रधानमंत्री नियुक्त करने का फैसला सुनाया था. इस फैसले ने नेपाल की राजनीति में बड़ा प्रभाव डाला था.