अमेरिका और चीन के राष्ट्राध्यक्षों की मुलाकात के दौरान कूटनीतिक बातचीत के साथ व्हाइट हाउस का नया हेलिपैड भी आकर्षण का केंद्र रहा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग को साउथ लॉन में बने इस नए लैंडिंग पैड का दौरा कराया. दोनों नेता कुछ देर के लिए मरीन वन के भीतर भी गए.
व्हाइट हाउस ने इस दौरे का वीडियो भी जारी किया है. ट्रंप ने शी को हेलिपैड में इस्तेमाल किए गए काले ग्रेनाइट के बारे में बताया. उन्होंने मजाकिया अंदाज में शी को पत्थरों और ग्रेनाइट का विशेषज्ञ बताते हुए उनकी पसंद का जिक्र भी किया.
नया हेलिपैड करीब 100 फीट चौड़ा है और इसमें ग्रेनाइट से अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक प्रतीक बनाया गया है. इसकी लागत करीब 5 से 6 मिलियन डॉलर बताई गई है. यह रकम भारतीय मुद्रा में लगभग 50 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है. परियोजना को अमेरिकी करदाताओं के बजाय हेलिकॉप्टर निर्माता सिकोरस्की ने वित्तपोषित किया है. सिकोरस्की, लॉकहीड मार्टिन की कंपनी है. इस निर्माण के पीछे केवल दिखावट नहीं, बल्कि तकनीकी वजह भी है. नया राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर VH-92A पैट्रियट पुराने मॉडल की तुलना में ज्यादा शक्तिशाली है. इसके इंजन से निकलने वाली गर्म हवा सीधे नीचे की ओर जाती है, जिससे व्हाइट हाउस के लॉन की घास को नुकसान पहुंचने की समस्या सामने आई थी. इसी वजह से स्थायी लैंडिंग पैड तैयार किया गया.
हेलिपैड का निर्माण सितंबर में पूरा हुआ और 21 सितंबर को ट्रंप ने इसका औपचारिक उद्घाटन किया. इसके कुछ ही दिनों बाद शी जिनपिंग की व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान ट्रंप ने उन्हें यह सुविधा दिखाई. शी के दौरे के दौरान व्हाइट हाउस परिसर में औपचारिक सैन्य कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें B-2 बॉम्बर और F-22 लड़ाकू विमानों का फ्लाईओवर शामिल था. इस तरह बैठक में कूटनीति के साथ अमेरिकी सैन्य और राष्ट्रपति पद से जुड़े प्रतीकों की भी झलक देखने को मिली. दोनों नेताओं की बातचीत में व्यापार, तकनीक, ताइवान और अन्य रणनीतिक मुद्दे अहम रहे.