नई दिल्ली: ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी उड़ान प्रणाली को अस्त-व्यस्त कर दिया है. ईरान और पड़ोसी देशों के एयरस्पेस बंद होने से भारत से यूरोप और पश्चिम एशिया जाने वाली उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. एयर इंडिया ने यूएई, सऊदी अरब, कतर और इजराइल के लिए उड़ानें 2 मार्च की आधी रात तक रोक दी हैं.
अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी दर्जनों उड़ानें रद्द कीं. दिल्ली, मुंबई और तिरुचिरापल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों की भारी भीड़ फंसी हुई है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्री सहायता कक्ष सक्रिय किया है.
एयर इंडिया ने यूएई, सऊदी, इजराइल और कतर के लिए उड़ानें 2 मार्च की रात 11.59 बजे तक स्थगित कर दी हैं. यूरोप जाने वाली कुछ उड़ानें भी रद्द हुईं. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 110 से ज्यादा उड़ानें रद्द कीं. अकासा एयर ने अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद के लिए उड़ानें 2 मार्च तक रोकी हैं. यात्रियों को 7 मार्च तक रिफंड या फ्री री-शेड्यूलिंग का विकल्प दिया गया है.
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं, जिसमें 60 डिपार्चर और 40 अराइवल शामिल हैं. मुंबई में 125 उड़ानें प्रभावित हुईं. तिरुचिरापल्ली में 33 उड़ानें रद्द हुईं. यात्रियों को आखिरी समय पर बदलाव के कारण परेशानी हो रही है. एयरपोर्ट ने यात्रियों से एयरलाइंस से फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी है.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (PACR) सक्रिय किया है. सोशल मीडिया, एयरसेवा पोर्टल और हेल्पलाइन के जरिए आई शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा रहा है. अब तक 411 शिकायतें हल की जा चुकी हैं. प्रभावित देशों में भारतीय दूतावासों के हेल्पलाइन नंबर भी यात्रियों को दिए गए हैं ताकि सहायता मिल सके.
ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में एयरस्पेस बंद हो गया. दुबई की एमिरेट्स ने 2 मार्च दोपहर 3 बजे तक उड़ानें रोकीं. दोहा का हमद इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी बंद रहा. भारत से यूरोप जाने वाले रूट प्रभावित हुए हैं. एयरलाइंस ने यात्रियों से नियमित अपडेट चेक करने की अपील की है क्योंकि स्थिति तेजी से बदल रही है.