नई दिल्ली: पिछला हफ्ता एशियाई देशों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. श्रीलंका, इंडोनेशिया और थाईलैंड में आए भयंकर तूफानों के बाद बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी. सिर्फ एक ही सप्ताह में इन प्राकृतिक आपदाओं ने 1,200 से अधिक लोगों की जान ले ली. इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में अब भी 800 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. मलबे और पानी में फंसे लोगों को बचाने के लिए बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं.
श्रीलंका में चक्रवात 'दित्वा' ने सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया. रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन के कारण श्रीलंका में 410 लोगों की मौत हुई, जबकि इंडोनेशिया में 659 और थाईलैंड में 181 लोग मारे गए.
Reckless bus driver risks passengers' lives even amid severe flood conditions.
This alarming scene was captured in the #Tambulla #Kandalamulla area 😱#SriLankafloods #SriLankaFlood #SriLankarains #SrilankaWeather #FloodSriLanka pic.twitter.com/cwjy319Att— Unmai Kasakkum (@Unmai_Kasakkum) December 1, 2025Also Read
सबसे ज्यादा प्रभावित देश इंडोनेशिया है. सुमात्रा द्वीप के कई गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, क्योंकि सड़कें बह गई और कई पुल ढह गए हैं. इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, कम से कम 475 लोग अभी भी लापता है. बचाव कार्य में हेलीकॉप्टर और नावें तैनात की गई हैं, लेकिन खराब मौसम और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के कारण बचाव अभियान धीमा पड़ रहा है.
श्रीलंका में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. सैन्य नेतृत्व वाली बचाव टीमें चक्रवात से आई बाढ़ और भूस्खलन में लापता 352 लोगों की तलाश में जुटी हुई है. भूस्खलन और ढहे हुए पुलों के कारण कई जगहों पर लोगों तक पहुंचना कठिन हो रहा है. कैंडी जैसे शहरों में लोग पानी की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं और प्राकृतिक झरनों से जुटाया गया बोतलबंद पानी इस्तेमाल करने को मजबूर है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में और बारिश होने के अनुमान के चलते हालात और बिगड़ सकते हैं.
दक्षिणी थाईलैंड में हालात थोड़ा बेहतर हैं. बाढ़ के बाद सड़कों और इमारतों की सफाई शुरू हो गई है. थाईलैंड में इस आपदा से 15 लाख से ज्यादा घर और 39 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. सरकार पानी, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए तेजी से काम कर रही है.
थाईलैंड के गृह मंत्रालय ने प्रभावित लोगों के लिए सार्वजनिक रसोई स्थापित करने का ऐलान किया, जहां ताजा पका हुआ भोजन वितरित किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि मुआवजे की पहली खेप, जिसकी कीमत लगभग 74 लाख डॉलर है. 26,000 लोगों में बांटी जाएगी.