अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. जिसके बाद से ईरान द्वारा मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबतोड़ हमला किया जा रहा है. सामने आ रही जानकारी के मुताबिक ईरान ने अमेरिकी की सबसे खास THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम को जार्डन में तबाह कर दिया है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सैटेलाइट तस्वीरों से साफ दिख रहा है कि जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात में अमेरिकी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है. ईरान ने THAAD के रडार को निशाना बनाया, जिससे अमेरिका की मिसाइल रोधी क्षमता कमजोर हुई है.
अमेरिका द्वारा THAAD सिस्टम को जंग के दौरान बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है . इसका रडार सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे मिसाइल ट्रैक होता है और नष्ट करने में मदद करता है. रडार के बिना सिस्टम की ताकत ना के बराबर हो जाती है. अमेरिका कुल आठ THAAD बैटरी चलाता है, इनमें से दो यूएई में और एक सऊदी अरब के पास हैं. जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर तैनात THAAD बैटरी पर हमला हुआ. यह बेस ईरान से 800 किलोमीटर से ज्यादा दूर है, फिर भी ईरान ने सटीक हमला किया.
सैटेलाइट इमेज में जॉर्डन के बेस पर रडार के आसपास बड़े गड्ढे बने नजर आ रहे हैं. रडार सिस्टम पांच बड़े ट्रेलरों में लगे थे, ईरानी हमले के बाद सभी हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आ रहे हैं. यह हमला 1 या 2 मार्च को हुआ है. रडार AN/TPY 2 मॉडल का है. इसकी कीमत लगभग 500 मिलियन डॉलर यानी लगभग 4,600 करोड़ रुपये है.
अमेरिका को हुए इस नुकसान की भरपाई में समय और पैसे दोनों लगेंगे. यूएई में दो जगहों पर रडार वाली इमारतें निशाना बनीं. रुवाइस के पास एक जगह पर तीन इमारतें और सदर में चार इमारतें प्रभावित हुईं, हालांकि इस नुकसान की पूरी जानकारी नहीं है . लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि रडार सिस्टम को बड़ा झटका लगा है. हालांकि रक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि रडार खराब होने से THAAD पूरी तरह बंद नहीं होता, लेकिन इसकी क्षमता बहुत कम हो जाती है .