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मिड-डे मील में बनी करी में निकला मेंढक, वीडियो में देखें बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़

ग्वालियर के गोकुलपुर सरकारी स्कूल में सोमवार को मिड-डे मील की बाल्टी में मेंढक मिलने से हंगामा मच गया. खाना परोसने से ठीक पहले स्टाफ ने यह दृश्य देखा और बच्चों ने भोजन खाने से इनकार कर दिया.

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Edited By: Reepu Kumari
मिड-डे मील में बनी करी में निकला मेंढक, वीडियो में देखें बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़

ग्वालियर के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसने पूरे जिले में चिंता बढ़ा दी है. स्कूल के स्टाफ ने मिड-डे मील में बनी करी में मेंढक देखा, जिसके बाद बच्चों ने खाना खाने से साफ इनकार कर दिया. घटना का वीडियो बनाकर अधिकारियों को भेजा गया.

यह मामला ठीक उस घटना के कुछ दिन बाद सामने आया है, जब मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में बच्चों को जमीन पर बिछे रद्दी कागज पर खाना परोसा गया था. लगातार हो रही इन घटनाओं ने सरकारी मिड-डे मील सिस्टम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

हड़कंप

ग्वालियर के गोकुलपुर के सरकारी प्राथमिक स्कूल में सोमवार को तब हड़कंप मच गया, जब मिड-डे मील की बाल्टी खोलते ही उसमें मेंढक दिखाई दिया. स्टाफ के अनुसार, यह खाना बच्चों को परोसने ही वाला था, इसलिए समय रहते समस्या सामने आ गई. बच्चों ने डर और घृणा के कारण भोजन खाने से इनकार कर दिया.

घटना का वीडियो वायरल

घटना का वीडियो तुरंत बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया. कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि टीम को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं. स्कूल स्टाफ का दावा है कि खराब भोजन, बदबू और कीड़ों की शिकायतें पहले भी की गई थीं.

स्टाफ ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य को खतरा होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई. अब प्रशासन ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच का आदेश दिया है. जिला पंचायत सीईओ सोजन सिंह रावत ने कहा कि जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.

एक और वीडियो वायरल

श्योपुर जिले में भी कुछ दिन पहले मिड-डे मील से जुड़ी बड़ी लापरवाही उजागर हुई थी. वायरल वीडियो में बच्चे जमीन पर बिछे रद्दी कागज पर बैठकर खाना खाते दिखाई दिए. बिना छत, बिना प्लेट और बिना किसी व्यवस्था के भोजन परोसने ने सभी को हैरान कर दिया था.

कलेक्टर का एक्शन

श्योपुर मामले में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने तुरंत जांच करवाई. जांच में घटना सही पाई गई, जिसके बाद मिड-डे मील संभालने वाले सेल्फ-हेल्प ग्रुप को तुरंत टर्मिनेट कर दिया गया और स्कूल प्रिंसिपल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. दोनों घटनाएं बताती हैं कि मिड-डे मील सिस्टम में सुधार की गंभीर आवश्यकता है.