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ट्रंप की शक्तियों पर अमेरिकी सीनेट ने लगाई लगाम, वेनेजुएला पर नहीं ले पाएंगे एक्शन

वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर रोक लगाने की पहल की है. इस कदम से अमेरिका की राजनीति में तीखी खींचतान और पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
ट्रंप की शक्तियों पर अमेरिकी सीनेट ने लगाई लगाम, वेनेजुएला पर नहीं ले पाएंगे एक्शन
Courtesy: ani

नई दिल्ली: वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की आक्रामक नीति अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए घरेलू राजनीतिक संकट बनती दिख रही है. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद सीनेट ने ट्रंप की युद्ध शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव आगे बढ़ा दिया है. इस फैसले ने रिपब्लिकन पार्टी के भीतर गहरी दरार उजागर कर दी है. जहां डेमोक्रेट्स कांग्रेस की भूमिका मजबूत करने की बात कर रहे हैं, वहीं ट्रंप इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ बता रहे हैं.

सीनेट का अहम कदम

अमेरिकी सीनेट में 8 जनवरी 2026 को हुई वोटिंग में 52 सांसदों ने प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया, जबकि 47 ने इसका विरोध किया. इस प्रस्ताव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वेनेजुएला के खिलाफ किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से पहले राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी लेनी पड़े. यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका की सैन्य भूमिका को लेकर सवाल तेजी से बढ़ रहे हैं.

पिछली कोशिशें और बदला माहौल

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर सवाल उठे हों. पिछले साल इसी तरह के दो प्रस्ताव प्रशासन के दबाव में रुक गए थे. नवंबर में यह प्रस्ताव महज दो वोटों से गिर गया था. तब सरकार ने कहा था कि वेनेजुएला में बड़े सैन्य अभियान की कोई योजना नहीं है, लेकिन मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कई सांसदों को लगा कि उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई.

रिपब्लिकन पार्टी में टूट

इस बार वोटिंग की सबसे बड़ी कहानी ट्रंप की अपनी पार्टी के भीतर उभरी असहमति रही. रिपब्लिकन के पांच सांसद- रैंड पॉल, सुसन कॉलिन्स, जोश हॉले, लिसा मर्कोव्स्की और टॉड यंग ने डेमोक्रेट्स का साथ दिया. सह-प्रस्तावक सीनेटर रैंड पॉल ने साफ कहा कि राष्ट्रपति की असीमित सैन्य शक्तियां लोकतंत्र के लिए खतरनाक हो सकती हैं और कांग्रेस को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.

ट्रंप का तीखा पलटवार

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने Truth Social पर पोस्ट कर अपनी ही पार्टी के इन सांसदों पर हमला बोला और आरोप लगाया कि वे डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर राष्ट्रपति की शक्तियों को कमजोर कर रहे हैं. ट्रंप का कहना है कि ऐसे कदम अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकते हैं और दुश्मनों को गलत संदेश देते हैं.

आगे क्या होगा असर

हालांकि प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है, लेकिन इसके आगे बढ़ने से यह साफ हो गया है कि वेनेजुएला मुद्दे पर ट्रंप को अब अकेले फैसले लेने में मुश्किल होगी. अगर यह War Powers Resolution अंतिम रूप लेता है, तो भविष्य की किसी भी सैन्य कार्रवाई में कांग्रेस की भूमिका निर्णायक हो जाएगी. इससे न सिर्फ ट्रंप की रणनीति पर असर पड़ेगा, बल्कि अमेरिकी राजनीति में शक्ति संतुलन की बहस भी और तेज हो जाएगी.