मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. इराक के बसरा के पास कल फारस की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमला हुआ है. ईरान द्वारा इन हमलों की जिम्मेदारी ली है. मिल रही जानकारी के मुताबिक इस घटना में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई.
भारतीय दूतावास ने इस हमले की जानकारी देते हुए बताया कि बाकी भारतीय नाविकों को सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया है. जिन दो जहाजों पर हमला हुआ वह मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला सेफसी विष्णु और माल्टा के झंडे वाला ज़ेफिरोस थे. दोनों जहाज इराक से तेल लोड करके जा रहे थे.
ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने बताया कि पानी के नीचे ड्रोन हमले से दोनों टैंकरों में आग लग गई. ईरान ने हमले की पूरी जिम्मेदारी ली, जांच में पता चला कि विस्फोटकों से भरी सुसाइड नावों ने टक्कर मारी थी. इससे जहाजों में भीषण आग लग गई. इस हमले में एक भारतीय क्रू सदस्य की जान जाने की खबर है. भारतीय दूतावास बगदाद ने बताया कि जहाज पर सवार बाकी 15 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल कर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है.
दूतावास अब इन नाविकों और इराकी अधिकारियों से लगातार संपर्क में है. स्टेट ऑफ होमुर्ज के पास भी तीन कमर्शियल जहाजों पर हमले हुए. यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने इन हमलों की पुष्टि की. ईरान ने हमले से पीछे यह धमकी दी थी कि होर्मुज से गुजरने वाले किसी भी जहाज को आग लगा दी जाएगी. हालांकि इसके बाद भी जहाज रुट से गुजरते रहें. जिसके बाद ईरान ने हमले शुरु कर दिए. अमेरिका ने कहा कि उसकी सेना ने स्ट्रेट में 16 ईरानी माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया है.
BREAKING: Just hours after Trump told Oil Tankers to enter the Strait of Hormuz, regardless of Iran's threats, an oil tanker is reportedly targeted and decimated by Iran in the Persian Gulf, just past the Strait of Hormuz.
— Ed Krassenstein (@EdKrassen) March 11, 2026
Trump's horrific advice may have just gotten people… pic.twitter.com/sIlztoUWW0
ईरान और ओमान के बीच के 55 किलोमीटर चौड़ी स्टेट ऑफ होमुर्ज फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है. यह दुनिया का सबसे व्यस्त और रणनीतिक तेल शिपिंग रूट है. यहां से हर दिन करीब 13 मिलियन बैरल तेल गुजरता है. इस रुट के प्रभावित होने से इराक, कुवैत, सऊदी अरब, यूएई और ईरान के बड़े पोर्ट प्रभावित हुए हैं. वहीं दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ रही है. अगर यह युद्ध नहीं थमता है तो वैश्विक महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ सकती है.