नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर ईरानी मीडिया में सामने आई एक रिपोर्ट ने दुनिया भर में सनसनी फैला दी है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान की संसद में एक ऐसा प्रस्ताव लाया जा सकता है, जिसमें ट्रंप की हत्या करने वाले व्यक्ति या संगठन को 50 मिलियन यूरो यानी करीब 5.5 अरब रुपये का इनाम देने की बात कही गई है. हालांकि इस दावे की अब तक किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या संबंधित सरकार ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
रिपोर्ट के अनुसार ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने बताया कि देश की सैन्य और सुरक्षा एजेंसियों ने ‘काउंटर-एक्शन’ नाम से एक मसौदा तैयार किया है. इस मसौदे में कथित तौर पर ट्रंप को निशाना बनाने का प्रस्ताव शामिल है.
दावे में यह भी कहा गया है कि बेंजामिन नेतन्याहू का नाम भी इस सूची में शामिल है. इसके अलावा यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर को भी टारगेट किए जाने की बात सामने आई है. ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन नेताओं को ईरान के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ कथित कार्रवाइयों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.
सरकार समर्थक मीडिया प्लेटफॉर्म 'मसाफ' ने पहले भी दावा किया था कि 'किल ट्रंप' अभियान के लिए 50 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटा ली गई है. वहीं कथित हैकिंग ग्रुप हंदाला ने भी दावा किया कि उसने ट्रंप और नेतन्याहू को निशाना बनाने के लिए रकम उपलब्ध कराई है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मार्च की शुरुआत में ईरान में कई मोबाइल यूजर्स को ऐसे टेक्स्ट मैसेज भेजे गए थे, जिनमें ट्रंप की हत्या के लिए इनाम से जुड़े अभियान का जिक्र किया गया था. सोशल मीडिया पर इसके स्क्रीनशॉट भी वायरल हुए थे.
हालांकि संयुक्त राज्य अमेरिका, इजराइल और ईरान की सरकारों की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक किसी विश्वसनीय स्रोत से पुष्टि नहीं होती, तब तक इन दावों को सावधानी से देखने की जरूरत है.