दुनिया भर में पुरुषों में बाल झड़ने की समस्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन कुछ देशों में यह परेशानी दूसरों की तुलना में कहीं ज्यादा दिखाई देती है. हाल ही में सामने आई एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ने इस मुद्दे को लेकर नई बहस छेड़ दी है. रिपोर्ट के मुताबिक स्पेन दुनिया का ऐसा देश बन गया है जहां सबसे ज्यादा पुरुष गंजेपन का सामना कर रहे हैं. शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके पीछे केवल उम्र या जेनेटिक्स नहीं, बल्कि खानपान, तनाव और बदलती जीवनशैली भी बड़ी वजह बन रही है.
हेयर लॉस ट्रीटमेंट से जुड़ी ऑनलाइन संस्था मेडिहेयर द्वारा किए गए अध्ययन में लगभग 4300 लोगों को शामिल किया गया. इस रिपोर्ट में स्पेन को दुनिया में सबसे ज्यादा गंजे पुरुषों वाला देश बताया गया. आंकड़ों के अनुसार वहां करीब 44.5 प्रतिशत पुरुष बाल झड़ने की समस्या से प्रभावित हैं. इस सूची में स्पेन के बाद इटली, फ्रांस, अमेरिका और जर्मनी जैसे देश शामिल हैं. रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पश्चिमी देशों में गंजेपन की दर दूसरे क्षेत्रों की तुलना में अधिक है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यूरोपीय मूल के पुरुषों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.
विशेषज्ञों के अनुसार पुरुषों में गंजापन केवल बाहरी कारणों से नहीं होता. इसका सबसे बड़ा संबंध शरीर में बनने वाले डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन यानी DHT हार्मोन से है. यह टेस्टोस्टेरोन का एक रूप होता है जो बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है. जिन लोगों में जेनेटिक संवेदनशीलता ज्यादा होती है, उनमें बाल तेजी से गिरने लगते हैं. रिसर्च बताती है कि उत्तरी यूरोप और पश्चिमी देशों के पुरुषों में यह संवेदनशीलता ज्यादा पाई जाती है. इसी वजह से इन देशों में कम उम्र में भी गंजेपन के मामले बढ़ते दिखाई देते हैं.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आधुनिक लाइफस्टाइल बालों की सेहत को बुरी तरह प्रभावित कर रही है. पश्चिमी देशों में प्रोसेस्ड फूड और मांसाहार का सेवन अधिक होता है, जबकि शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल कम मिल पाते हैं. विटामिन B12 और विटामिन D की कमी भी बाल झड़ने का कारण बनती है. इसके अलावा लगातार तनाव, लंबे समय तक बैठकर काम करना और धूप की कमी भी बालों को कमजोर बनाती है. डॉक्टरों का कहना है कि मानसिक दबाव सीधे तौर पर बालों की ग्रोथ पर असर डालता है.
विशेषज्ञ मानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ गंजापन बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है. पश्चिमी देशों में बुजुर्ग आबादी ज्यादा होने के कारण वहां यह समस्या और अधिक दिखाई देती है. वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की एक दूसरी रिपोर्ट में भी स्पेन को दुनिया के सबसे ज्यादा गंजे पुरुषों वाले देशों में शामिल किया गया. इस सूची में चेक गणराज्य पहले स्थान पर रहा जबकि स्पेन बहुत मामूली अंतर से दूसरे नंबर पर पहुंचा. रिसर्च में यह भी सामने आया कि जिन देशों में सब्जियों का सेवन कम और मांसाहार ज्यादा होता है, वहां बाल झड़ने की समस्या अधिक देखने को मिलती है.