Iran News: बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान में एक मुस्लिम महिला ने हिजाब नहीं पहना था. वह बिना हिजाब के कॉर ड्राइव कर रही थी. पुलिस ने महिला को रोकने की कोशिश की लेकिन महिला ने कॉर की स्पीड बढ़ा दी इसके बाद पुलिस ने महिला पर गोली चला दी. इस घटना से ईरान में उथल-पुथल मची हुई है. यह घटना पिछले महीने की बताई जा रही है.
31 साल की अरेजू बद्री नाम की महिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है. मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बीबीसी को बताया कि देश के सख्त हिजाब नियमों के कथित उल्लंघन के कारण ईरानी पुलिस द्वारा गोली मार दिए जाने से दो बच्चों की मां पैरालाइज्ड हो गई है.
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार अरेजू बद्री कमर से नीचे लकवाग्रस्त है, और डॉक्टरों ने कहा है कि यह निर्धारित करने में महीनों लगेंगे कि वह स्थायी रूप से लकवाग्रस्त होगी या नहीं.
31 वर्षीय आरजू बद्री 22 जुलाई को उत्तरी शहर नूर में अपनी बहन के साथ घर जा रही थी. पुलिस ने उसकी कार जब्त करने के लिए उन्हें रोकना का प्रयास किया, जिसके चलते उन्होंने अपनी कॉर की स्पीड बढ़ा दी. इसके बाद पुलिस ने उनपर गोली चला दी.
पुलिस कमांडर ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी को बताया कि ड्राइवर ने रुकने के आदेश का पालन नहीं किया, जिसके कारण अधिकारियों ने गोली चला दी.
Reports that police in Iran shot and left Arezou Badri paralysed while enforcing compulsory veiling laws must be effectively investigated & those responsible held to account. This incident highlights the urgency of abolishing veiling laws & tackling Iran’s impunity crisis. pic.twitter.com/VeDSNmJTTt
— Amnesty International (@amnesty) August 14, 2024
ईरानी पुलिस द्वारा देश के अनिवार्य ड्रेस कोड का उल्लंघन करने वाली महिलाओं पर शिकंजा कसने की घोषणा की गई थी. इस ऐलान के बाद यह मामला सामने आया. बताया जा रहा है कि आरजू बद्री को पहले बिना हिजाब के देखा गया था. उन्होंने अपने बॉल दिखाने के लिए हिजाब नहीं पहना था. इसके बाद पुलिस को उनकी गाड़ी जब्त करने के के आदेश मिले थे.
ईरान के नए नियमों में सीसीटीवी का उपयोग करके सिर न ढकने वाली महिला चालकों की पहचान करना और खुले बालों वाली महिला यात्रियों को ले जाने वाले वाहनों को जब्त करना शामिल है.
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार पुलिस द्वारा चलाई गई गोली आरजू बद्री के फेफड़े में घुस गई और उनके रीढ़ की हड्डी को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया. पुलिस प्रमुख कर्नल अहमद अमिनी ने कहा कि ईरानी कानून के तहत आग्नेयास्त्रों के इस्तेमाल की अनुमति है.
एक अस्पताल में ले जाने के बाद बद्री को फेफड़ों की सर्जरी के लिए प्रांतीय राजधानी सारी के एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया. एक सप्ताह बाद उन्हें ईरान की राजधानी तेहरान ले जाया गया. उनकी गोल हमले के 10 दिन बाद निकाली गई.
हाल ही में, तेहरान में हिजाब प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा एक 14 वर्षीय लड़की पर हिंसक हमले को दिखाने वाले सीसीटीवी फुटेज ने व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है.