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India Daily

एपस्टीन के घर किसने पहुंचाया मक्का स्थित 'काबा का किसवा'? इस्लाम के पवित्र स्थल को लेकर फाइल्स में हिला देने वाला खुलासा

नई एपस्टीन फाइल्स में दावा किया गया है कि काबा का पवित्र किसवा 2017 में अमेरिका भेजा गया और जेफ्री एपस्टीन के घर पहुंचा. ईमेल्स ने धार्मिक, कूटनीतिक और सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
एपस्टीन के घर किसने पहुंचाया मक्का स्थित 'काबा का किसवा'? इस्लाम के पवित्र स्थल को लेकर फाइल्स में हिला देने वाला खुलासा
Courtesy: pintrest

नई दिल्ली: अमेरिका में जारी की गई नई 'एपस्टीन फाइल्स' ने एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने रखा है. दस्तावेजों के अनुसार, इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल काबा का किसवा 2017 में अमेरिका भेजा गया और यह खेप कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के फ्लोरिडा स्थित आवास तक पहुंची. गौरतलब है कि एपस्टीन केस से जुड़े पुराने राज फिर चर्चा में हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके ऊपर सवाल उठ रहे हैं.

एपस्टीन फाइल्स में क्या सामने आया

दस्तावेजों में शामिल ईमेल्स फरवरी और मार्च 2017 के बताए जा रहे हैं. इनमें सऊदी अरब और यूएई से जुड़े कुछ व्यक्तियों के बीच किसवा की शिपमेंट को लेकर बातचीत दर्ज है. फाइल्स के मुताबिक, उस समय एपस्टीन जेल की सजा काट चुका था और एक पंजीकृत सेक्स ऑफेंडर था. इसके बावजूद इतना पवित्र धार्मिक वस्त्र उसके घर तक कैसे पहुंचा, इस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

किसवा की शिपमेंट कैसे हुई

ईमेल रिकॉर्ड के अनुसार, काबा के किसवा के तीन अलग-अलग टुकड़े सऊदी अरब से ब्रिटिश एयरवेज के जरिए फ्लोरिडा भेजे गए. इनमें से एक टुकड़ा काबा के अंदर इस्तेमाल हुआ था, दूसरा बाहरी आवरण का हिस्सा था और तीसरा इस्तेमाल में नहीं आया था. तीसरे टुकड़े को 'आर्टवर्क' बताकर कस्टम्स प्रक्रिया आसान की गई, ताकि शिपमेंट में कोई रुकावट न आए.

ईमेल्स ने क्यों बढ़ाई चिंता

ईमेल्स में कारोबारी महिला अजीजी अल-अहमदी ने लिखा कि यह काला कपड़ा करोड़ों मुसलमानों की दुआओं और भावनाओं से जुड़ा है. मार्च 2017 में खेप एपस्टीन के घर पहुंचने के बाद भी संपर्क बना रहा. सितंबर 2017 में तूफान इरमा के दौरान अल-अहमदी ने एपस्टीन की संपत्तियों की सलामती को लेकर संदेश भेजे और मजाकिया लहजे में नया 'टेंट कारपेट' भेजने की बात भी कही.

खुफिया एजेंसियों से रिश्तों का दावा

फाइल्स में यह स्पष्ट नहीं है कि एपस्टीन और इन संपर्कों के बीच रिश्ता कैसे बना. इसी बीच जारी एक एफबीआई मेमो में दावा किया गया है कि एपस्टीन के अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों से संबंध थे और वह इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक के करीब था. इन खुलासों ने धार्मिक मर्यादाओं, कूटनीति और वैश्विक सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है.