नई दिल्ली: ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है. 28 फरवरी को हुए हमलों में सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद नए नेता मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रीय एकजुटता की अपील की है. उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को दुश्मनों पर दबाव बनाने के लिए बंद करने का संकेत दिया. ईरान के उप विदेश मंत्री मजिद तख्त-रावांची ने एएफपी को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि तेहरान दोबारा युद्ध थोपे जाने से बचना चाहता है और पड़ोसियों को पहले ही चेतावनी दे चुका है.
नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने युद्ध के बीच राष्ट्र से एकजुट रहने की मांग की. उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स में से एक को बंद रखा जाएगा ताकि दुश्मन देशों पर दबाव बना रहे. यह बयान ऐसे समय आया है जब संघर्ष तेज हो रहा है और ईरान अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.
ईरान के उप विदेश मंत्री मजिद तख्त-रावांची ने तेहरान में एएफपी को बताया कि उनका मकसद है कि भविष्य में कोई युद्ध फिर से ईरान पर थोपा न जाए. उन्होंने कहा, 'हम नहीं चाहते कि दोबारा ऐसा हो.' उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल जून में युद्ध शुरू हुआ था, 12 दिन बाद थोड़ा विराम हुआ लेकिन आठ-नौ महीने बाद दुश्मनों ने फिर हमला कर दिया.
Trump has said "we can take apart Iran's electric capacity within one hour, but we have not done it."
Well, if they do that, the whole region will go dark in less than half an hour and darkness provides ample opportunity to hunt down US servicemen running for safety.— Ali Larijani | علی لاریجانی (@alilarijani_ir) March 12, 2026Also Read
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तख्त-रावांची ने खुलासा किया कि युद्ध शुरू होने से पहले ईरान ने कई बार पड़ोसी देशों को सूचित किया था कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो क्षेत्र में सभी अमेरिकी संपत्तियां और ठिकाने वैध निशाने होंगे. उन्होंने कहा कि ईरान ने इस बारे में स्पष्ट संदेश भेजे थे ताकि कोई गलतफहमी न रहे और पड़ोसी देश सतर्क रहें.
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले किए जिनमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई समेत कई बड़े निशाने मारे गए. इन हमलों ने पूरे क्षेत्र में टकराव को और भड़का दिया. अब ईरान एक तरफ राष्ट्रीय एकता की बात कर रहा है तो दूसरी तरफ होर्मुज बंद करने और अमेरिकी ठिकानों पर हमले की धमकी दे रहा है. स्थिति लगातार बिगड़ रही है और दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं.