नई दिल्ली: ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष में नया मोड़ आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज रेडियो को दिए इंटरव्यू में ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई की हालत पर टिप्पणी की. ट्रंप ने कहा कि मोजतबा जिंदा हैं लेकिन बुरी तरह घायल हैं. उनके पिता आयतुल्लाह अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल हमले में मौत हो गई थी. मोजतबा ने तब से कोई सार्वजनिक उपस्थिति नहीं दिखाई है, जिससे उनकी सेहत पर सवाल उठ रहे हैं. ईरान ने बदले की कड़ी चेतावनी जारी की है.
ट्रंप ने ब्रायन किलमीड शो में कहा, 'मुझे लगता है कि वह जिंदा हैं. घायल हैं, लेकिन किसी रूप में जिंदा हैं.' उन्होंने माना कि मोजतबा गंभीर घायल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में मोजतबा ने कम से कम एक पैर खो दिया है और पेट या लिवर को भारी नुकसान पहुंचा है. वे कोमा में हैं और तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में भारी सुरक्षा में इलाजरत हैं.
ईरानी अधिकारियों ने माना कि मोजतबा हमले में घायल हुए लेकिन सुरक्षित हैं. साइप्रस में ईरान के राजदूत अलिरेजा सलारियन ने मीडिया को बताया कि उनके पैर, हाथ और बाजू में चोटें आई हैं. अस्पताल में भर्ती होने के कारण वे अभी कोई भाषण नहीं दे सकते. ईरानी राज्य टीवी ने उनके नाम से पहला बयान प्रसारित किया, जो एक न्यूज एंकर ने पढ़ा.
बयान में मोजतबा ने चेतावनी दी कि क्षेत्र में सभी अमेरिकी ठिकानों को तुरंत बंद किया जाए, वरना हमला होगा. उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध के लिए मुआवजा मांगेगा. अगर दुश्मन नहीं माना तो उसकी संपत्ति जब्त की जाएगी या बराबर की तबाही मचाई जाएगी. यह बयान युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की सबसे कड़ी प्रतिक्रिया है.
मोजतबा के पिता की मौत के बाद रविवार को सर्वोच्च नेता बने लेकिन अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे. ईरान राज्य मीडिया के जरिए नेतृत्व की निरंतरता दिखाने की कोशिश कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी चोटें गंभीर हैं और ठीक होने में समय लगेगा. संघर्ष तेज होने के साथ ही ईरान के अंदरूनी हालात पर भी नजर टिकी है.