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India Daily

ईरानी हवाई जहाज मदद के लिए भारत आने को था तैयार, अमेरिका ने कर दिया एयरस्ट्राइक; एयरपोर्ट पर ही क्षतिग्रस्त

अमेरिका के हवाई हमले में ईरान के मशहद हवाई अड्डे पर खड़ा महान एयर का एक विमान क्षतिग्रस्त हो गया है.

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Edited By: Reepu Kumari
ईरानी हवाई जहाज मदद के लिए भारत आने को था तैयार, अमेरिका ने कर दिया एयरस्ट्राइक; एयरपोर्ट पर ही क्षतिग्रस्त
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एक ऐसी घटना हुई है जो भारत से जुड़ी मानवीय मदद को सीधे प्रभावित कर रही है. मशहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिकी हमले में महान एयर का वह विमान नुकसान पहुंचा जो भारत से दवाएं और मेडिकल सामग्री लेने के लिए नई दिल्ली जाने वाला था.  ईरानी सूत्रों के अनुसार विमान हमले के समय अड्डे पर खड़ा था. भारत और ईरान के बीच चल रहे सहयोग को इस घटना से बड़ा झटका लगा है.

मानवीय मिशन पर लगा गहरा झटका

यह विमान भारत से ईरान के लिए चिकित्सा सामग्री ले जाने के विशेष मानवीय मिशन का हिस्सा था. इस महीने की शुरुआत में भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप भेजी थी. देशभर के आम नागरिकों ने भी बड़े पैमाने पर दान देकर मदद जुटाई थी, जिसके लिए ईरान ने आभार जताया था. अब इस हमले से आगे की लॉजिस्टिक्स प्रभावित होने की संभावना है.

ईरान का युद्ध अपराध वाला आरोप

ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने हमले की कड़ी निंदा की है. बयान में कहा गया कि कई देशों से मंगाई गई दवाएं और उपकरण ले जा रहा विमान एक शुद्ध मानवीय मिशन पर था. ईरानी मिशन ने इस बयान को X पर साझा किया. ईरान इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बता रहा है.

अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला

हमले के बाद ईरान ने इसकी निंदा की.  ईरान ने 1944 के शिकागो कन्वेंशन और 1971 के मॉन्ट्रियल कन्वेंशन का जिक्र किया है, जिनमें नागरिक विमानों को नुकसान पहुंचाना अपराध माना जाता है. यानि अगर कोई देश ऐसा करता है तो वह नियम के अनुसार गलत होगा. साथ ही जिनेवा कन्वेंशन के अतिरिक्त प्रोटोकॉल-1 के अनुच्छेद 52 का भी हवाला दिया गया है, जिसमें मानवीय सहायता ले जा रहे विमान पर हमला युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है.

महान एयर पर अमेरिकी प्रतिबंध

महान एयर ईरान की प्रमुख निजी एयरलाइंस में शामिल है. अमेरिका इसे लंबे समय से प्रतिबंधित रखे हुए है. वॉशिंगटन का आरोप है कि इसका ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) से संबंध है और यह सैन्य सामग्री ढोती है. ईरान इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करता रहा है.