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AI से पूछकर कर रहे हैं अपना इलाज? अमेरिकी रिपोर्ट में सबसे बड़ा खुलासा, 'डिजिटल डॉक्टर' से उठ रहा लोगों का भरोसा

अमेरिका में हुए नए सर्वे में सामने आया है कि हेल्थ केयर में AI पर लोगों का भरोसा घटा है. अब कम लोग इलाज और मेडिकल फैसलों में AI का इस्तेमाल सुरक्षित और भरोसेमंद मान रहे हैं.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
AI से पूछकर कर रहे हैं अपना इलाज? अमेरिकी रिपोर्ट में सबसे बड़ा खुलासा, 'डिजिटल डॉक्टर' से उठ रहा लोगों का भरोसा
Courtesy: Pinterest

AI पर लोगों का भरोसा अटूट माना जा रहा था. आजकल जिंदगी में कोई भी परेशानी हो, तो इंसान अपने परिवार से पहले AI पर भरोसा करता दिखता है लेकिन अमेरिका से आई रिपोर्ट ने सबको चौंका कर रख दिया. ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी वेक्सनर मेडिकल सेंटर के नए सर्वे में बताया गया कि हेल्थ केयर में AI पर लोगों का भरोसा घट गया है. पहले के मुकाबले अब कम लोग इलाज और मेडिकल फैसलों में AI का इस्तेमाल सुरक्षित और भरोसेमंद मान रहे हैं.

घट रहा है लोगों का भरोसा

नए सर्वे ने AI के इस्तेमाल को लेकर कई राज खोलें हैं. इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ 42 प्रतिशत लोग ही अब अपनी मेडिकल देखभाल में AI के इस्तेमाल को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं. वहीं पिछले साल यह आंकड़ा 52 प्रतिशत था. इसके साथ ही हेल्थ प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में AI की भूमिका पर भी भरोसा घटता दिखा है. 64 प्रतिशत से घटकर अब सिर्फ 55 प्रतिशत लोगों का ही भरोसा बचा है. 

डॉक्टरों ने जताई चिंता

ओहियो स्टेट वेक्सनर मेडिकल सेंटर के चीफ हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स ऑफिसर डॉ. रवि त्रिपाठी ने कहा कि AI उपयोगी जरूर है लेकिन यह इंसानी डॉक्टर की जगह नहीं ले सकता. उन्होंने बताया कि AI कभी-कभी गलत जानकारी भी दे सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि AI जानकारी दे सकता है लेकिन अंतिम फैसला विशेषज्ञ सलाह के बाद ही लेना चाहिए.

इस सर्वे में सामने आए कुछ अहम आंकड़े:

  • 62% लोग लक्षण समझने के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं.
  • 44% लोग मेडिकल रिपोर्ट समझने में AI की मदद लेते हैं.
  • 25% लोग इलाज के विकल्प जानने के लिए AI का उपयोग करते हैं.
  • 20% लोग डॉक्टर से मिलने से पहले तैयारी के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं.

सर्वे ने क्या तस्वीर दिखाई?

यह सर्वे जनवरी 2026 में अमेरिका के 1007 लोगों पर किया गया था. इसमें वेब और फोन दोनों से लोगों की राय ली गई. सर्वे से साफ हुआ कि लोग AI को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहे. लोग अब उसका संतुलित इस्तेमाल चाहते हैं. हेल्थ टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ वर्षों में AI और इंसानी विशेषज्ञता का मिश्रण हेल्थ सेक्टर की नई दिशा तय करेगा.