मिडिल ईस्ट जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान के अधिकारियों से उनकी बातचीत हो रही है. हालांकि ईरान ने उनके इन दावों को पूरी तरह से खारिज किया है. ईरान का साफ कहना है कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष किसी भी तरह से हमारा वाशिंगटन से कोई संपर्क नहीं है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने जंग की स्थिति के बार में जानकारी देते हुए साफ बताया कि अमेरिका की ओर से केवल बातचीत का अनुरोध और कुछ प्रस्ताव मध्यस्थों के माध्यम से आए हैं. इसके अलावा कोई भी बातचीत नहीं हुई है.
इस्माइल बाकाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि इन इकतीस दिनों में अमेरिका के साथ हमारी कोई बातचीत नहीं हुई. जो हुआ, वह केवल बातचीत के अनुरोध का प्रस्तुतीकरण है, जिसमें पाकिस्तान समेत कुछ मध्यस्थों के जरिए प्रस्ताव भेजे गए थे. उन्होंने आगे कहा कि ईरान अपनी सैन्य क्षमता का पूरा उपयोग केवल अपनी रक्षा के लिए कर रहा है.
इस दौरान उन्होंने उन्होंने हाल के वर्षों में हुए कूटनीतिक विश्वासघातों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि हमारा रुख बिल्कुल साफ है. हमने पिछले अनुभवों को अपनी देह, त्वचा और हड्डियों में महसूस किया है और उस विश्वासघात को नहीं भूले हैं जो एक साल से भी कम समय में दो बार कूटनीति के नाम पर हुआ. बाकाई के यह बयान डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से बिल्कुल विपरीत है.
व्हाइट हाउस से अमेरिकी प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और अच्छी चल रही है. राष्ट्रपति ट्रंप तो ना जाने कितनीबार समझौता पर चर्चा करने की बात कही है. उन्होंने ईरान संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ से बातचीत का भी जिक्र किया था. हालांकि उन्होंने भी ट्रंप के इन दावों को खारिज कर दिया था.
मिडिल ईस्ट जंग अब अपना विकराल रूप ले चुका है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए इस जंग में अब कतर, दुबई, सऊदी, तुर्की समेत कई खाड़ी शामिल हो चुके हैं. लेबनान और इजरायल के बीच भी जंग चरम पर है. इस जंग के कारण पूरे विश्व में उथल-पुथल मची हुई है. महंगाई अपने चरम पर पहुंच रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से प्रभावित है. हालांकि भारत में पेट्रोल और गैस का सप्लाई अभी मेंटेन है, लेकिन दुनिया भर में इसकी किल्लत है. ईरान इसे अपनी रक्षा की लड़ाई बता रहा है.