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India Daily

कब तक सत्ता में रहेगी बीजेपी? Axis My India के प्रदीप गुप्ता की इस भविष्यवाणी ने मचा दी सियासी हलचल

चुनावी विश्लेषक प्रदीप गुप्ता ने एक नया दावा किया है. उन्होंने साफ किया है कि कब तक बीजेपी का राजनीतिक दबदबा देश में बना रहेगा.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
कब तक सत्ता में रहेगी बीजेपी? Axis My India के प्रदीप गुप्ता की इस भविष्यवाणी ने मचा दी सियासी हलचल
Courtesy: X

Axis My India के संस्थापक और जाने-माने चुनाव विश्लेषक प्रदीप गुप्ता ने भारतीय राजनीति को लेकर बड़ा अनुमान जताया है. उनका मानना है कि बीजेपी का मौजूदा राजनीतिक प्रभाव आने वाले वर्षों में भी बना रह सकता है. उन्होंने इसकी तुलना उस दौर से की जब कांग्रेस लंबे समय तक देश की राजनीति पर हावी रही थी. गुप्ता का कहना है कि जनता अब सरकार के कामकाज को सबसे बड़ा पैमाना मानती है और यही तय करेगा कि कौन सी पार्टी कितने समय तक सत्ता में रहती है.

बीजेपी के शासन को लेकर बोले गुप्ता

प्रदीप गुप्ता ने कहा कि भारतीय राजनीति में एक बार फिर एक पार्टी के दबदबे वाला दौर दिखाई दे रहा है. उनके अनुसार बीजेपी का प्रभाव 2014 से लगातार बढ़ा है और यह सिलसिला अभी थमता नजर नहीं आ रहा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार का प्रदर्शन मजबूत बना रहता है और जनता को विकास का भरोसा मिलता रहता है, तो बीजेपी कम से कम दो दशक तक राजनीति के केंद्र में रह सकती है.

कांग्रेस के दौर से की तुलना

गुप्ता ने BJP की मौजूदा स्थिति की तुलना कांग्रेस के उस दौर से की जब देश की राजनीति पर उसका लंबे समय तक दबदबा रहा था. उन्होंने कहा कि 1977 तक कांग्रेस लगातार सत्ता में बनी रही और उसके बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं. उनके मुताबिक भारतीय राजनीति में लगभग 20 साल का एक बड़ा राजनीतिक चक्र देखने को मिलता है. उनका मानना है कि बीजेपी फिलहाल उसी तरह के मजबूत चरण में है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पार्टी की ताकत उसके प्रदर्शन और जनता के भरोसे पर टिकी होती है.

बढ़ती उम्मीदें बीजेपी के लिए चुनौती

प्रदीप गुप्ता ने कहा कि लगातार बड़ी जीत मिलने के बाद BJP और NDA से लोगों की उम्मीदें भी काफी बढ़ चुकी हैं. उनके अनुसार अब केवल चुनाव जीतना काफी नहीं होगा, बल्कि सरकार को हर स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जब कोई पार्टी बहुत ऊंचाई पर पहुंचती है तो लोगों की अपेक्षाएं भी उसी हिसाब से बढ़ जाती हैं. अगर सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती तो राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल सकते हैं.