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India Daily

98 फीसदी मुस्लिम आबादी वाला देश, फिर भी मौजूद है मां दुर्गा का 'आग का मंदिर', बिना घी के जमीन में जलती है अखंड ज्योति!

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है उसकी अनंत ज्योति. पहले यहां जमीन के नीचे प्राकृतिक गैस थी, जो अपने आप जलती रहती थी. इसी वजह से इसे 'आग का मंदिर' कहा जाने लगा. स्थानीय लोग और साधु इसे देवी शक्ति का प्रतीक मानते थे. 1969 तक ये आग पूरी तरह प्राकृतिक रूप से जलती रही.

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Edited By: Antima Pal
98 फीसदी मुस्लिम आबादी वाला देश, फिर भी मौजूद है मां दुर्गा का 'आग का मंदिर', बिना घी के जमीन में जलती है अखंड ज्योति!
Courtesy: pinterest

Temple of Fire: दुनिया के सबसे अनोखे धार्मिक स्थलों में से एक है अजरबैजान की राजधानी बाकू का टेंपल ऑफ फायर यानी आतिशगाह मंदिर. हैरानी की बात ये है कि जहां देश की 98 फीसदी आबादी मुस्लिम है, वहां एक ऐसा मंदिर है जो मां दुर्गा और अग्नि देवता की पूजा से जुड़ा माना जाता है. यहां की अखंड ज्योति बिना घी-तेल डाले जमीन से जलती है, जो आज भी लाखों लोगों को आकर्षित करती है.

98 फीसदी मुस्लिम आबादी वाला देश

यह मंदिर बाकू से करीब 30 किलोमीटर दूर सुराखानी इलाके में स्थित है. इसका इतिहास करीब 300 साल पुराना बताया जाता है. मान्यताओं के अनुसार पुराने समय में भारत से आए व्यापारी और साधु यहां पहुंचे थे. इन्हीं भारतीयों ने इस मंदिर का निर्माण कराया. मंदिर की दीवारों पर आज भी संस्कृत और गुजराती भाषा में शिलालेख देखे जा सकते हैं. मंदिर की बनावट हिंदू मंदिरों जैसी है, जिसमें चारों तरफ छोटे-छोटे कक्ष और बीच में मुख्य अग्नि कुंड है. 

अखंड ज्योति का चमत्कार

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है उसकी अनंत ज्योति. पहले यहां जमीन के नीचे प्राकृतिक गैस थी, जो अपने आप जलती रहती थी. इसी वजह से इसे 'आग का मंदिर' कहा जाने लगा. स्थानीय लोग और साधु इसे देवी शक्ति का प्रतीक मानते थे. 1969 तक ये आग पूरी तरह प्राकृतिक रूप से जलती रही. बाद में गैस के दबाव कम होने पर अब पाइपलाइन के जरिए इसे जलाए रखा जाता है. फिर भी ये ज्योति बिना रुके जलती हुई लोगों को हैरान करती है.

Temple of Fire
Temple of Fire pinterest

ज्योतिष और आध्यात्मिक दृष्टि से इस जगह को बहुत खास माना जाता है. अग्नि तत्व को हिंदू धर्म में पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है. मां दुर्गा की विभिन्न रूपों में अग्नि से गहरा संबंध है. कई लोग मानते हैं कि यहां आकर मनोकामनाएं पूरी होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. 

भारतीयों की खास रुचि

हर साल दुनिया भर से हजारों पर्यटक यहां आते हैं. भारतीय पर्यटकों की संख्या सबसे ज्यादा होती है. बाकू पहुंचकर लोग सड़क मार्ग से आसानी से इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं. यहां घूमने का समय सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक है. मंदिर न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है बल्कि संस्कृति, इतिहास और रहस्य के मिलन का अद्भुत उदाहरण है.