नई दिल्ली: ईरान जो पहले से ही अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष में फंसा हुआ है, अब अपनी ही जनता पर और भी सख्ती बरत रहा है. ईरानी अधिकारियों ने राजधानी तेहरान में स्थित एक लोकप्रिय कैफे चेन को बंद करने का आदेश जारी किया है.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस निर्देश के पीछे का कारण कैफे द्वारा पेश किए गए कपों के नए डिजाइन हैं. आरोप है कि ये नए कप अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद डिजाइन किए गए थे. ईरानी अधिकारियों ने इन डिजाइनों की व्याख्या पूर्व सर्वोच्च नेता खामेनेई की मृत्यु के संकेत के रूप में की जिसके वजह से पूरी कैफे चेन पर प्रतिबंध लगा दिया.
ईरान के बाहर स्थित फारसी-भाषा के मीडिया संस्थानों के अनुसार इस्लामी शासन ने 'लमिज कैफे चेन' पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि इस चेन के कपों पर खाली कुर्सी की एक तस्वीर बनी हुई थी. इस बात का पता चलने पर ईरानी अधिकारियों ने खाली कुर्सी के इस प्रतीक का मतलब खामेनेई की मृत्यु संदर्भ में की और नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं.
मीडिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि इस मामले को इस्लामी गणराज्य की न्यायपालिका के पास भेजा गया था, जहां न्यायाधीशों ने बाद में इसे बंद करने का आदेश जारी कर दिया. ईरानी समाचार एजेंसियों तसनीम और मेहर ने दावा किया है कि कैफ़े ने अपने कपों पर शहीद इमाम के खिलाफ एक डिजाइन बनाया था. इस संदर्भ में शहीद इमाम का तात्पर्य अली खामेनेई से है.
ईरानी अधिकारियों द्वारा बंद किए जाने से पहले कैफे ने अपने सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से इस घटना के संबंध में एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया था. उन्होंने जोर देकर कहा कि कैफे हर साल नवरोज यानी फारसी नव वर्ष का त्योहार के अवसर पर नियमित रूप से कपों के नए डिजाइन बनाता है और इन डिजाइनों का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है.
उन्होंने कहा, 'नए डिजाइन के साथ बनाए गए इन कपों का हाल की घटनाओं से कोई संबंध नहीं है. इनके डिजाइन को बहुत पहले ही मंजूरी मिल गई थी.' यह ध्यान देने लायक बात है कि यह कैफे चेन पूरे ईरान में लगभग दो दर्जन आउटलेट चलाती है. इनमें से ज्यादातर आउटलेट राजधानी तेहरान और दूसरे बड़े शहरों में हैं. फिलहाल तेहरान में मौजूद इसकी शाखाओं को बंद कर दिया गया है.