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India Daily

परिवार को GPS भेजने के बाद लापता हुआ भारतीय मूल का PhD छात्र, दो दिन बाद कैलिफोर्निया में मिला शव

कैलिफोर्निया में अकेले ट्रैकिंग पर गए भारतीय मूल के पीएचडी छात्र विक्रम मुबयी का शव दो दिन बाद बरामद हुआ. पुलिस ने फिलहाल किसी आपराधिक साजिश से इनकार किया है और मामले की जांच जारी है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
परिवार को GPS भेजने के बाद लापता हुआ भारतीय मूल का PhD छात्र, दो दिन बाद कैलिफोर्निया में मिला शव
Courtesy: social

नई दिल्ली: अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य से भारतीय मूल के एक शोध छात्र की मौत की दुखद खबर सामने आई है. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सांता बारबरा के पीएचडी छात्र विक्रम मुबयी अकेले ट्रैकिंग के लिए निकले थे, लेकिन लापता होने के दो दिन बाद उनका शव बरामद किया गया.

ट्रैकिंग के दौरान परिवार से टूटा संपर्क

विक्रम मुबयी कैलिफोर्निया के बिग पाइन लेक्स क्षेत्र में सप्ताहांत पर अकेले ट्रैकिंग के लिए गए थे. परिवार के अनुसार एक अगस्त की रात करीब साढ़े आठ बजे उनकी आखिरी बार फोन पर बात हुई थी. बातचीत के दौरान उन्होंने अपना जीपीएस लोकेशन भी साझा किया था. इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका. तय समय पर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने इन्यो काउंटी शेरिफ कार्यालय में गुमशुदगी की सूचना दी, जिसके बाद खोज अभियान शुरू किया गया.

दो दिन बाद मिला शव, जांच जारी

स्थानीय प्रशासन और खोज एवं बचाव दल ने व्यापक अभियान चलाया. दो अगस्त के बाद लगातार तलाश के बीच तीन अगस्त को बिग पाइन लेक्स इलाके से विक्रम का शव बरामद किया गया. अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह पानी में कैसे पहुंचे. जांच एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल किसी तरह की आपराधिक साजिश या हिंसा के संकेत नहीं मिले हैं. मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.

पर्यावरणीय शोध से जुड़ा था काम

विक्रम मुबयी यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सांता बारबरा में केमिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी कर रहे थे. इससे पहले उन्होंने वर्ष 2022 में यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय अर्बाना-शैम्पेन से स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी. उनका शोध पौधों के अपशिष्ट और प्लास्टिक को जैविक प्रक्रियाओं के माध्यम से उपयोगी एवं पर्यावरण के अनुकूल सामग्री में बदलने पर केंद्रित था. वह विश्वविद्यालय में शिक्षण सहायक की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे.

परिवार और साथियों में शोक

हांगकांग में पले-बढ़े विक्रम को ट्रैकिंग और आउटडोर गतिविधियों का शौक था तथा उन्हें अनुभवी हाइकर माना जाता था. खोज अभियान के दौरान उनके परिवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से संभावित ट्रैकिंग मार्ग साझा कर लोगों से मदद की अपील भी की थी. उनके निधन की खबर से परिवार, मित्रों और विश्वविद्यालय समुदाय में गहरा शोक है. प्रशासन ने कहा है कि मामले से जुड़ी आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद साझा की जाएगी.