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मालदीव से हटेगी Indian Army! राष्ट्रपति मुइज्जू की घोषणा पर भारत ने क्या दिया जवाब?

भारतीय सैनिकों को हटाना मुइज्जू की पार्टी का मुख्य अभियान हथियार था, जिन्होंने पिछले महीने राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह को हराकर सत्ता हासिल ली है. वर्तमान में डोर्नियर 228 समुद्री गश्ती विमान और दो एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टरों के साथ करीब 70 भारतीय सैनिक मालदीव में तैनात हैं.

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Naresh Chaudhary
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हाइलाइट्स

  • मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने माले में प्रेसवार्ता में की घोषणा
  • भारतीय सूत्रों ने कहा- दुबई में COP28 समिट के दौरान हुई थी संक्षिप्त चर्चा

Indian Army Withdraw From Maldives: मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने रविवार को घोषणा की है कि भारत हिंद महासागर द्वीपसमूह देश से अपनी सेना (Indian Army) को हटाने पर सहमत हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ने माले में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि हमारे (भारत-मालदीव) बीच हुई चर्चा में भारत सरकार भारतीय सैनिकों को हटाने पर सहमत हो गई है. साथ ही हम विकास परियोजनाओं के मुद्दों को हल करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने पर भी सहमत हुए हैं.

दुबई में COP28 की बैठक में हुई थी ये चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मालदीव के राष्ट्रपति की ओर से जारी घोषणा के संबंध में केंद्र सरकार के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्ष वर्तमान में इस मामले पर चर्चा में हैं. सरकारी सूत्रों की मानें तो दुबई में COP28 जलवायु शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के बीच बैठक में सेना की वापसी के मुद्दे पर एक संक्षिप्त चर्चा हुई थी.

केंद्र सरकार ने मांगी रिपोर्ट

सूत्रों ने कहा कि हमने मालदीव में एचएडीआर (उच्च उपलब्धता आपदा वसूली) गतिविधियों में लगे भारतीय प्लेटफार्मों की स्थिति के बारे में रिपोर्ट देखी है. जैसा कि चर्चाओं में कहा जाता है कि भारतीय प्लेटफार्मों की निरंतर उपयोगिता को एक उचित दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है. केंद्र सरकार के सूत्रों ने यह भी बताया कि मालदीव ने इन प्लेटफार्मों की उपयोगिता को स्वीकार किया है. एक फैक्टर ये भी है कि हमारी द्विपक्षीय विकास साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इन्हें कैसे चालू रखा जाए, इस पर चर्चा चल रही है.

18 नवंबर को भी मुइज्जू ने कही थी ये बात

बताया गया है कि हाल ही में राष्ट्रपति चुने गए मुइज्जू ने 18 नवंबर को औपचारिक रूप से भारत से अपनी सेना वापस लेने का अनुरोध किया था. इस महीने की शुरुआत में सत्ता संभालने के तुरंत बाद उन्होंने जोर देकर कहा था कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं कि उनका देश अपनी स्वतंत्रता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए किसी भी विदेशी सैन्य मौजूदगी से मुक्त रहे.

इससे पहले मुइज्जू ने कहा था कि मालदीव भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में फंसने के लिए बहुत छोटा है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मालदीव की मौजूदा विदेश नीति में हस्तक्षेप करने में कोई दिलचस्पी नहीं है. 

मुइज्जू की पार्टी का यही थी मुख्य हथियार

भारतीय सैनिकों को हटाना मुइज्जू की पार्टी का मुख्य अभियान हथियार था, जिसने पिछले महीने राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह को हराकर सत्ता हासिल ली है. वर्तमान में डोर्नियर 228 समुद्री गश्ती विमान और दो एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टरों के साथ करीब 70 भारतीय सैनिक मालदीव में तैनात हैं.

45 वर्षीय मुइज्जू ने सितंबर 2023 में चुनाव जीता था. उन्होंने मालदीव में भारत के राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव के खिलाफ अभियान को प्राथमिकता दी. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि भारत को सैन्य कर्मियों को हटाने के लिए कहना मालदीव में चीनी या किसी अन्य देश के सैनिकों को लाना नहीं है.

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First Published : 04 December 2023, 07:43 AM IST