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अब अंतरिक्ष खनन और उल्कापिंडों की पकड़ होगी संभव, जानिए क्या है ये नई तकनीक और कैसे करती है काम

कैलिफोर्निया की स्टार्टअप TransAstra ने स्पेस माइनिंग और अंतरिक्ष कचरा हटाने के लिए inflatable ‘कैप्चर बैग’ विकसित किया है. शुरुआती परीक्षण सफल रहे और कंपनी 2028 तक पहला क्षुद्रग्रह पकड़ने की योजना पर काम कर रही है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
अब अंतरिक्ष खनन और उल्कापिंडों की पकड़ होगी संभव, जानिए क्या है ये नई तकनीक और कैसे करती है काम
Courtesy: social media

नई दिल्ली: कैलिफोर्निया की एयरोस्पेस स्टार्टअप TransAstra अंतरिक्ष संसाधनों के इस्तेमाल के सपने को हकीकत के करीब ले जा रही है. कंपनी ने एक अनोखा ‘कैप्चर बैग’ विकसित किया है, जो न सिर्फ खतरनाक स्पेस डेब्रिस को पकड़ सकता है बल्कि छोटे-बड़े क्षुद्रग्रहों को भी सुरक्षित रूप से जकड़कर स्पेस माइनिंग का रास्ता खोल सकता है. 

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर हुए शुरुआती परीक्षणों में तकनीक सक्षम साबित हुई है और कंपनी 2028 तक पहला क्षुद्रग्रह कैप्चर करने का लक्ष्य लेकर चल रही है.

क्या है TransAstra का कैप्चर बैग

TransAstra का 'कैप्चर बैग' एक inflatable कंटेनर है, जिसे केव्लर और एल्यूमिनियम जैसे मजबूत अंतरिक्ष-ग्रेड मटीरियल से तैयार किया गया है. यह बैग अंतरिक्ष में खतरनाक धातु कचरे और छोटे-बड़े क्षुद्रग्रहों को पकड़ने में सक्षम है. कंपनी ने इसे छह आकारों में बनाया है. कॉफी कप में फिट होने वाले माइक्रो बैग से लेकर 10,000 टन वजनी क्षुद्रग्रह को समाहित करने वाले सुपर जंबो बैग तक. यह सरल लेकिन प्रभावी तकनीक स्पेस माइनिंग का गेम-चेंजर साबित हो सकती है.

प्रारंभिक परीक्षण सफल

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर किए गए शुरुआती परीक्षणों में कैप्चर बैग ने माइक्रोग्रैविटी और वैक्यूम में सफलतापूर्वक फूलकर अपनी क्षमताएं साबित कीं. संस्थापक जोएल सर्सेल के अनुसार, स्पेस माइनिंग में चार चरण, डिटेक्शन, कैप्चर, मूवमेंट और प्रोसेसिंग सबसे चुनौतीपूर्ण हैं. TransAstra का दावा है कि वह सभी चरणों के लिए उन्नत तकनीक विकसित कर चुका है. कंपनी के पास अब तक 21 पेटेंट हैं, और नए पेटेंट हर महीने मिल रहे हैं, जिससे इसकी तकनीकी बढ़त और मजबूत हो रही है.

पृथ्वी जैसे कक्षीय मार्ग वाले क्षुद्रग्रहों पर फोकस

TransAstra उन क्षुद्रग्रहों को लक्ष्य बना रही है, जिनकी कक्षीय गति पृथ्वी जैसी है और जो धीमे-धीमे हमारे ग्रह के पास से गुजरते हैं. ऐसे क्षुद्रग्रह मिशन के लिहाज से अधिक सुरक्षित और सुलभ होते हैं. कंपनी की योजना 2028 तक पहला क्षुद्रग्रह पकड़ने की है. इसके लिए उसने संयुक्त राज्य, ऑस्ट्रेलिया और जल्द ही स्पेन में Sutter नामक टेलीस्कोप नेटवर्क स्थापित किया है, जो संभावित खनिज संपदा वाले क्षुद्रग्रहों का पता लगाने का काम करेगा.

स्पेस डेब्रिस हटाने के लिए पहला परीक्षण

TransAstra अब 10-मीटर वाला कैप्चर बैग विकसित कर रही है, जिसे आंशिक रूप से NASA फंड कर रहा है. मूल्यवान क्षुद्रग्रहों पर परीक्षण से पहले, कंपनी इसे स्पेस डेब्रिस पर आजमाएगी. यह बैग पुराने उपग्रहों, टूटे हिस्सों और ‘ग्रेवयार्ड ऑर्बिट’ में पड़े निष्क्रिय ऑब्जेक्ट्स को सुरक्षित रूप से पकड़कर हटाने में सक्षम होगा. यह तकनीक स्पेस ट्रैफिक मैनेजमेंट में बड़ी मदद साबित हो सकती है, जिससे आने वाले अंतरिक्ष मिशनों की सुरक्षा बढ़ेगी.

अंतरिक्ष में संसाधन उपयोग की नई सोच

कंपनी का मानना है कि क्षुद्रग्रहों से निकाले गए संसाधनों को धरती पर भेजना आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं होगा, इसलिए इन्हें स्पेस में ही उपयोग किया जाएगा. यह सामग्रियां भविष्य के अंतरिक्ष यान, ईंधन स्टेशन और स्पेस कॉलोनियों के निर्माण में उपयोगी हो सकती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, कैप्चर बैग की लचीली बनावट और बड़े आकार की क्षमता इसे स्पेस डेब्रिस और क्षुद्रग्रह कैप्चर तकनीकों में सबसे उन्नत बनाती है. इसकी सफलता अंतरिक्ष उद्योग में बड़ी क्रांति ला सकती है.