नई दिल्ली: जेपी मॉर्गन चेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैमी डाइमोन ने अमेरिका की आर्थिक दिशा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि अगर देश ने अपनी एंटी बिजनेस नीतियों को जल्द नहीं सुधारा, तो आने वाले दशकों में उसकी आर्थिक गति यूरोप जैसी कमजोर स्थिति में पहुंच सकती है. डाइमोन ने यह बात मियामी में आयोजित अमेरिकन बिजनेस फोरम में कही. यह बयान उस समय आया है जब न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर जोहरन ममदानी उच्च कर और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर आधारित अपनी नीतियां लागू करने की तैयारी में हैं.
तीस वर्ष बाद अमेरिका यूरोप जैसा दिख सकता है
डाइमोन ने बताया कि यूरोप की अर्थव्यवस्था का वैश्विक उत्पादन में घटता हिस्सा इस बात का प्रमाण है कि ज्यादा कर और बहुत अधिक नियम लंबे समय में विकास को रोक देते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका के कई शहर और राज्य भी इसी दिशा में बढ़ रहे हैं. वहाँ का माहौल ऐसा बन गया है कि अधिक कर, कड़े नियम और राजनीतिक बयानबाजी के कारण कंपनियां कारोबार दूसरे राज्यों में ले जा रही हैं.
डाइमोन के अनुसार देश, राज्य और शहर तीनों स्तरों पर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है. जो जगहें व्यापार को बोझ समझ कर नीतियां बनाएंगी, वे आर्थिक रूप से पीछे रह जाएंगी. उन्होंने बताया कि फ्लोरिडा और टेक्सास जैसे राज्य इस समय न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया से काफी कंपनियों को आकर्षित कर रहे हैं. डाइमोन ने यह भी कहा कि कई बार अच्छाई के नाम पर बनाई गई नीतियां उलटा कमजोर आय वर्ग को सबसे ज्यादा चोट पहुंची हैं.
नियमों को सरल करने की सलाह
डाइमोन ने खास तौर पर डेमोक्रेट शासित शहरों को चेताया कि वे अपने जटिल और भारी नियम जिन्हें उन्होंने ब्लू टेप कहा को हल्का करें. हालांकि, उन्होंने मेयर ममदानी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, फिर भी मुफ्त बस सेवा, बिना शुल्क वाली देखभाल सेवाएं और अमीरों पर अतिरिक्त कर जैसे वादों की अप्रत्यक्ष आलोचना की. उन्होंने कहा कि यह मानना गलत है कि एंटी बिजनेस कदम आम लोगों की मदद करेंगे. उनके मुताबिक यह सोच टिकाऊ नहीं है.
दिलचस्प बात यह रही कि डाइमोन ने एक ओर ममदानी की नीतियों को विचारधारा में उलझी और मार्क्सवादी रुझान वाली बताया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने मेयर इलेक्ट को फोन कर मार्गदर्शन देने का आग्रह भी किया. उन्होंने यह सुझाव दिया कि ममदानी डेट्रॉइट के मेयर माइक डुग्गन से मिलकर समझें कि किस तरह व्यापारिक साझेदारी के सहारे एक शहर की दिशा बदली जा सकती है. जेपी मॉर्गन के प्रवक्ता ने कहा कि डाइमोन का यही संदेश है कि सरकार, व्यापार जगत और समाज तीनों को मिलकर व्यावहारिक नीतियां बनानी होंगी.