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India Daily

'वह मेरी तरह जाग रहे होंगे', ट्रंप सुबह 6 बजे PM मोदी को करना चाहते थे फोन; आखिरी चरण में पहुंचा भारत-अमेरिका ट्रेड डील

अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में है. उन्होंने ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती का एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'वह मेरी तरह जाग रहे होंगे', ट्रंप सुबह 6 बजे PM मोदी को करना चाहते थे फोन; आखिरी चरण में पहुंचा भारत-अमेरिका ट्रेड डील
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि यह समझौता लगभग पूरा हो चुका है और केवल एक से दो प्रतिशत काम बाकी है. उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच यह समझौता जल्द पूरा हो सकता है, जिससे व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी.

वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के लीडरशिप समिट में सर्जियो गोर ने कहा कि पिछले तीन सप्ताह से दोनों देशों के अधिकारी लगातार बातचीत कर रहे हैं. उनके अनुसार यह समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित होगा और कारोबार करने वाली कंपनियों को अधिक स्थिरता और भरोसा मिलेगा.

सर्जियो गोर ने क्या कहा?

गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि जो लोग दोनों देशों के रिश्तों पर सवाल उठाते हैं, उन्हें वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि व्यापार, रक्षा और लोगों के बीच संबंध पहले से अधिक मजबूत हैं.

व्यक्तिगत संबंधों को लेकर क्या कहा?

इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत संबंधों का भी जिक्र किया. गोर ने बताया कि हाल ही में मियामी में एक यूएफसी कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने अचानक प्रधानमंत्री मोदी को फोन करने की इच्छा जताई. जब उन्हें बताया गया कि भारत में सुबह के छह बजे हैं, तब ट्रंप ने कहा, "वह जाग रहे होंगे, वह मेरी तरह हैं." हालांकि बाद में बातचीत अगले दिन तय समय पर हुई, लेकिन गोर ने इसे दोनों नेताओं की मजबूत दोस्ती का उदाहरण बताया.

गोर ने यह भी जानकारी दी कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस वर्ष अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर के नए निवेश आकर्षित किए हैं, जो दुनिया में किसी भी अमेरिकी दूतावास द्वारा हासिल किया गया सबसे बड़ा निवेश है.

भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने क्या कहा?

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की आर्थिक प्रगति ने उसकी वैश्विक भूमिका को मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि भारत अब केवल वैश्विक व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि स्थिरता, आर्थिक विकास और भरोसे का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है.

क्वात्रा ने कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है. इसके लिए व्यापार के साथ निवेश, आपूर्ति श्रृंखला, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाना होगा.

अमेरिकी अधिकारियों ने भी भारत को प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्र में अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण दीर्घकालिक साझेदार बताया. दोनों देशों ने संकेत दिए कि आने वाले वर्षों में भारत-अमेरिका संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं.