रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर हिंसक मोड़ पर पहुंच गया है. सोमवार को रूस ने यूक्रेन के कई औद्योगिक शहरों पर हवाई और मिसाइल हमले किए, जिनमें कई लोगों की जान चली गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए. दूसरी ओर यूक्रेन के जवाबी हमलों ने भी रूस के ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचाया है. तेल रिफाइनरियों और पाइपलाइनों पर हुए हमलों के बाद रूस के कई हिस्सों में ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.
रूस ने यूक्रेन के निप्रो, जपोरीजिया और खार्कीव जैसे प्रमुख औद्योगिक शहरों को निशाना बनाया. हमले ऐसे समय हुए जब बड़ी संख्या में लोग खुले स्थानों पर मौजूद थे. शुरुआती जानकारी के अनुसार 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
निप्रो शहर पर हुए मिसाइल हमले में एक मिनी बस भी चपेट में आ गई. इस घटना में छह लोगों की मौत हुई और 29 लोग घायल हो गए. वहीं जपोरीजिया में तीन लोगों की जान गई और आठ लोग घायल हुए. खार्कीव में भी एक युवती की मौत हुई, जबकि 10 अन्य लोग घायल बताए गए हैं.
यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ने नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया है. सरकार का कहना है कि इन हमलों से केवल सैन्य ढांचे ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों और औद्योगिक क्षेत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. इससे जान-माल की बड़ी क्षति हुई है.
यूक्रेन की ओर से किए गए जवाबी हमलों में रूस की कई तेल रिफाइनरियां, तेल-गैस भंडारण केंद्र और पाइपलाइन प्रभावित हुई हैं. इसके चलते मास्को, दक्षिणी रूस और क्रीमिया में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर असर पड़ा है. कई स्थानों पर ईंधन की बिक्री सीमित कर दी गई है.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उच्चस्तरीय बैठक में मौजूदा स्थिति को चुनौतीपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि हालात पर नियंत्रण पाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और सरकार जल्द स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास कर रही है.