अमेरिका और ईरान के बीच शांति स्थापित करने की दिशा में बातचीत जारी है. MoU पर साइन करने के बाद दोनों देश 60 दिनों के लिए बातचीत पर सहमत हुए थे. हालांकि एमओयू साइन होने के अगले दिन से ही दोनों देशों ने समझौते की शर्तों को तोड़ दिया. हालांकि तनाव के बीच पहली बैठक स्विट्जरलैंड में हुई. अब दूसरे दौर की बातचीत को लेकर किए जा रहे दावे के बीच ईरान की प्रतिक्रिया सामने आई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया के सामने बातचीत करते हुए उम्मीद जताई थी कि आज यानी 30 जून को ईरान के साथ दोहा में बातचीत होगी. हालांकि ट्रंप के इस दावे को ईरान ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. ईरान ने साफ कहा कि अमेरिका के साथ कोई भी बैठक तय नहीं है.
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर पर हमारी बातचीत की कोई बैठक नहीं है. इसके साथ उन्होंने यह भी साफ कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधियों की कतर यात्रा का ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से कोई संबंध नहीं है. इसके साथ दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत की स्थिति के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि व्यापक समझौते पर बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है. हम अभी तक अंतिम समझौते के लिए बातचीत के चरण में नहीं पहुंचे हैं.
इस्माइल बघाई ने 14-सूत्रीयएमओयू का जिक्र करते हुए कहा कि अनुच्छेद 13 के तहत, अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू हो सकती है, जब बताए गए पांच प्रावधानों का कार्यान्वयन शुरू हो जाए और जारी रहे. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, इसका मतलब है कि व्यापक बातचीत की ओर बढ़ने से पहले पक्षों को सहमत शुरुआती उपायों पर प्रगति दिखानी होगी. हालांकि अमेरिका का दावा है कि ईरान के साथ बातचीत के लिए अमेरिकी के स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीनियर एडवाइजर जेरेड कुशनर मंगलवार को दोहा जाएंगे. एमओयू पर साइन होने के बाद भी दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव के कारण बातचीत करना और अधिक मुश्किल हो गया है.